छत्तीसगढ

स्कूलों की तालाबंदी ख़त्म पहुंचे शिक्षक, बच्चों ने किया स्वागत

गरियाबन्द न्यूज़ बीईओ आरपी दास ने बताया कि जिला शिक्षा अधीकारी के माध्यम से ओढ़ के लिए मांग अनुरूप व्यवस्था कर दिया गया है. सम्पर्क विहीन इलाका होने के कारण आज सम्पर्क नहीं हो सका है. अभी तक सभी स्कूल खुलने की सूचना है. अगर बन्द है तो संकुल समन्वयक से जानकारी लेकर उच्चाधिकारियों के मार्गदर्शन में आगे की कार्रवाई की जाएगी.शिक्षकों की मांग को लेकर ओढ़ के ग्रामीणों ने स्कूलों में तालाबंदी कर दी थी. इस पर शिक्षा विभाग ने चार शिक्षकों की व्यवस्था की है, इनमें से एक ही शिक्षक के संस्थान में ज्वाइनिंग देने के साथ बच्चों ने उनका गुलाल लगाकर स्वागत किया. इसके साथ ही ग्रामीणों ने जिन संस्थानों में शिक्षक ने ज्वाइन नहीं दी, उनकी तालाबंदी जारी रखने की बात कही 127 सहायक शिक्षक व 100 से ज्यादा शिक्षक की नियुक्ति के बावजूद ओढ़ में संचालित बालक आश्रम, 3 प्राथमिक शाला और 1 मिडिल स्कूल एक शिक्षकीय स्कूल बन कर रह गए थे. शिक्षकों के बार-बार बीमार पड़ने व सरकारी काम से मुख्यालय जाने पर अध्यापन कार्य लगातार बाधित हो रहा था. दुर्गम पहाड़ों पर बसे इन स्कूलों की अनदेखी पर 26 सितम्बर से ग्रामीणों ने सभी 5 संस्थानों में तालाबंदी कर विरोध शुरू किया था बुधवार तक ओढ़ बालक आश्रम में व्यवस्था के नाम पर भेजे गए मृगेंद बंजारे ने ही ज्वाइन किया. ग्रामीणों ने शिक्षक का गुलाल लगाकर स्वागत किया और केवल इसी संस्थान का ताला खोला  प्राथमिक शाला हथोडाडीह के लिए भेजे गए दुष्यंत कुमार सेठ, प्राथमिक शाला नगरार के लिए भेजे गए देवनाथ चौहान, मिडिल स्कूल ओढ़ के लिए भेजे गए शेष नारायण शांडिल्य ने अब तक ज्वाइन नहीं किया है. कुकरार प्राथमिक शाला के लिए किसी को पदस्थ नहीं किया गया है, इसलिए चारों संस्थानों पर ताला लटका रहा. ग्रामीणों का कहना है कि मांगों को माने जाने तक तालाबंदी जारी रखेंगे

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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