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संविधान चाहिए, कब्रिस्तान चाहिए के नारों के साथ ईसाई समुदाय के लोगों ने सड़क पर शव रखकर किया प्रदर्शन

अंतिम संस्कार को लेकर विवाद : संविधान चाहिए, कब्रिस्तान चाहिए के नारों के साथ ईसाई समुदाय के लोगों ने सड़क पर शव रखकर किया प्रदर्शन

जगदलपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के जगदलपुर के बकावंड ब्लॉक में दो पक्षों में मृत युवक के अंतिम संस्कार के रीति-रिवाज को लेकर विवाद गहराता जा रहा हैc ग्रामीणों ने ईसाई समुदाय के मृतक के अंतिम संस्कार को लेकर विरोध किया। विवाद के बाद मृत परिवार के लोगों ने शव को मुख्य मार्ग में रखकर चक्काजाम करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन कर रहे लोग “संविधान चाहिए, कब्रिस्तान चाहिए” जैसे नारे लगा रहे हैं।

21 मई 2025 को अजय बघेल सड़क हादसे का शिकार हो गए थे, जिसके बाद उसे ढिमरापाल मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया. जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया. मृतक का शव को डीमरापाल अस्पताल में रखा गया है. परिजनों ने हिंदू प्रथा के हिसाब से अजय के अंतिम संस्कार की शुरू कर दी थी. इस बीच दशापाल के ग्रामीणों ने इसका विरोध कर दिया.

दरअसल, मृतक अजय बघेल ईसाई समुदाय से थे. ऐसे में हिंदू रीति रिवाजों से अंतिम संस्कार करने पर दशापाल के ग्रामीणों ने विरोध कर दिया. वहीं सरगीपाल के ग्रामीणों का कहना है कि अगर मृतक के परिवार पहले से समुदाय से आते हैं, इसीलिए हिंदू प्रथा के आधार पर अंतिम संस्कार किया जाए.

इससे नाराज ईसाई समुदाय के लोगों ने शव को मुख्य मार्ग पर रखकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है. विरोध करते हुए संविधान चाहिए, कब्रिस्तान चाहिए के नारे लगा रहे हैं. उनका कहना है कि जबतक हिंदू रीति रिवाजों से अजय बघेल का अंतिम संस्कार नहीं करने देते तब तक हमारा सभी धरना प्रदर्शन बैठे रहेंगे.

चक्काजाम की सूचना पर बकावड़ एसडीएम ऋषिकेश तिवारी, तहसीलदार जागेश्वरी गावडे और थाना प्रभारी डोमेन्द्र शिन्हा मौके पर पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन ईसाई समुदाय के लोग धरने से नहीं हटे.

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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