
रायगढ़ न्यूज धमाका – रायगढ़ शहर के जेलपारा और उससे सटे प्रगति नगर इलाके में नगर निगम की अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई को लेकर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। आज सुबह नगर निगम की टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर कई मकानों को तोड़ दिया, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश फैल गया।
मरीन ड्राइव परियोजना के लिए हटाए जा रहे मकान
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई प्रस्तावित “मरीन ड्राइव” परियोजना के लिए की जा रही है। नगर निगम द्वारा पहले से 100 से अधिक घरों को अतिक्रमण घोषित कर नोटिस जारी किया गया था। इसके बावजूद स्थानीय निवासियों ने कार्रवाई को लेकर गंभीर आपत्ति जताई थी और बीती रात उन्होंने कलेक्टर बंगले का घेराव भी किया।
तीन दर्जन से अधिक मकानों पर चला बुलडोजर
सुबह करीब 6 बजे नगर निगम की टीम भारी पुलिस बल के साथ इलाके में पहुँची और तीन दर्जन से ज्यादा घरों को ध्वस्त कर दिया गया। मौके पर पुलिस अधीक्षक और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक मोर्चा
नगर निगम की इस कार्रवाई के खिलाफ स्थानीय महिलाएं और कांग्रेस की महिला इकाई सड़क पर उतर आई हैं। बुलडोजर के सामने डटकर विरोध किया गया, मगर प्रशासन की टीम कार्रवाई पर अड़ी रही। विरोध कर रहे कई लोगों को पुलिस ने हटाया और कुछ को हिरासत में भी लिया गया है।
शहर में तनाव की स्थिति, पुलिस बल तैनात
इलाके में फिलहाल तनाव का माहौल है। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है। स्कूलों और आसपास की दुकानों को एहतियात के तौर पर बंद रखा गया है।
प्रशासन की दलील: सरकारी ज़मीन पर अवैध कब्जा
नगर निगम का कहना है कि यह ज़मीन सरकारी रिकॉर्ड में सार्वजनिक भूमि है और बार-बार नोटिस देने के बावजूद निर्माण हटाया नहीं गया, जिससे विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न हो रही थी।
स्थानीय निवासियों का आरोप
दूसरी ओर, प्रभावित परिवारों का कहना है कि उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था नहीं दी गई, और कई लोगों के पास पुराने दस्तावेज और निवास प्रमाण पत्र भी हैं। लोग इसे मनमानी कार्रवाई बता रहे हैं और न्यायिक हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
क्या आगे हो सकता है?
- मामला जल्द ही न्यायालय में पहुँच सकता है
- स्थानीय राजनैतिक दल विरोध तेज कर सकते हैं
- यदि समाधान नहीं निकला, तो शहर में और अस्थिरता की आशंका


