
सक्ती न्यूज धमाका – साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए सक्ति पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है, जिनके खातों से कुल 8 करोड़ से अधिक की संदिग्ध ट्रांजेक्शन सामने आई है। दोनों आरोपियों के खिलाफ देशभर में 126 से अधिक साइबर शिकायतें दर्ज थीं और 8 राज्यों की पुलिस को इनकी तलाश थी।
गिरफ्तार आरोपी:
- सौरभ अग्रवाल उर्फ चीनू – निवासी, सक्ती
- निखिल कर्ष – निवासी, चरौदा
कैसे हुआ भंडाफोड़?
सक्ती के एसडीओपी मनीष कुंवर ने बताया कि भारत सरकार के समन्वय पोर्टल के माध्यम से साइबर ठगी से जुड़े कुछ संदिग्ध बैंक खातों की जानकारी मिली थी। इसी आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की।
सौरभ अग्रवाल के खाते से 3.48 करोड़ रुपए का लेन-देन
- अवधि: 14 जनवरी 2024 से 30 जनवरी 2024
- बैंक: पंजाब नेशनल बैंक (PNB)
- खाते में संदिग्ध रूप से 3,48,73,171 रुपए का ट्रांजेक्शन मिला।
- IPC की धारा 420 के तहत मामला दर्ज कर, चेकबुक, एटीएम कार्ड जब्त किए गए।
निखिल कर्ष के खाते से 5.43 करोड़ रुपए का ट्रांजेक्शन
- अवधि: 11 जनवरी 2024 से 30 जनवरी 2024
- खाते में 5,43,62,525 रुपए का संदिग्ध लेन-देन मिला।
- निखिल के खिलाफ भी धारा 420 IPC के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तारी की गई।
देशभर में फैला है नेटवर्क
- सौरभ अग्रवाल के खिलाफ 5 राज्यों (हरियाणा, राजस्थान, कर्नाटक, तेलंगाना, छत्तीसगढ़) में 60 से ज्यादा शिकायतें हैं।
- निखिल कर्ष के खिलाफ 66 साइबर शिकायतें, जिनमें पश्चिम बंगाल, बिहार और कर्नाटक में आपराधिक मामले दर्ज हैं।
क्या करते थे आरोपी?
दोनों युवक साइबर ठगों को फर्ज़ी बैंक खाते (म्यूल अकाउंट) मुहैया कराते थे, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर होती थी। ये खाते साइबर फ्रॉड की पहली लेयर माने जाते हैं, जहां से रकम आगे भेजी जाती है।
पुलिस की सख्ती और आगे की कार्रवाई
एसडीओपी मनीष कुंवर ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने की बात स्वीकार की है। कोर्ट में पेश कर दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।



