
कोरबा न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के कटघोरा थाना क्षेत्र अंतर्गत धनवार गांव में कुआं धंसने की दर्दनाक घटना में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। करीब 28 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद प्रशासन ने माता, पिता और पुत्र के शव बरामद कर लिए हैं।
कैसे हुआ हादसा?
छेदुराम श्रीवास (65) ने अपनी घरेलू जरूरतों के लिए गर्मी के मौसम में एक कुआं खुदवाया था, जिसकी गहराई लगभग 40 फीट थी। यह कुआं मनरेगा योजना के तहत एक माह पूर्व ही बनाया गया था, लेकिन निर्माण अपूर्ण और कच्चा था।
बताया जा रहा है कि सोमवार देर रात टुल्लू पंप निकालने के प्रयास में कुआं अचानक धंस गया, जिसमें छेदुराम, उनकी पत्नी और पुत्र मलबे में दब गए। घटना को किसी ने देखा नहीं, लेकिन जब परिवार सुबह से नजर नहीं आया, तब ग्रामीणों को शक हुआ और उन्होंने प्रशासन को सूचना दी।
28 घंटे चला रेस्क्यू, SDRF की रही अहम भूमिका
प्रशासन, पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम मौके पर पहुंची और लगातार 28 घंटे तक अभियान चलाया गया। मलबा हटाने और गहराई तक पहुंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। अंततः मंगलवार दोपहर तक तीनों शवों को बाहर निकाल लिया गया।
मनरेगा कुआं निर्माण पर उठे सवाल
सूत्रों के अनुसार, जिस कुएं में हादसा हुआ वह मनरेगा के तहत स्वीकृत था, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण की गुणवत्ता बेहद खराब थी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई।
गांव में मातम का माहौल, जांच की मांग
धनवार गांव में इस हादसे के बाद शोक का माहौल है। एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
मुख्य बिंदु संक्षेप में:
- हादसे में मृतक: छेदुराम श्रीवास, उनकी पत्नी और पुत्र
- घटना का स्थान: ग्राम बनवार, जटगा चौकी, कटघोरा थाना क्षेत्र
- कुआं निर्माण: मनरेगा के तहत एक माह पूर्व
- रेस्क्यू ऑपरेशन: 28 घंटे तक चला, SDRF की टीम ने निकाले शव
- संभावित कारण: पंप निकालने के दौरान अचानक मिट्टी का धंसना



