
रायपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के रायपुर जंगल सफारी की घायल बाघिन ‘बिजली’ को बेहतर इलाज के लिए गुजरात के जामनगर वनतारा भेजा गया है। वन मंत्री केदार कश्यप ने इसकी तैयारियों का जायजा लिया और सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा की।
क्या है मामला
जंगल सफारी की बाघिन बिजली किडनी की समस्या से जूझ रही थी। बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के लिए उसे ग्रीन्स जूलॉजिकल रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर, जामनगर भेजा गया, जहाँ विशेषज्ञों द्वारा उसका सघन इलाज किया जाएगा।
खास तैयारियां और सुरक्षा
- बाघिन को ट्रेन के माध्यम से गुजरात भेजा गया।
- वन विभाग, रेलवे और स्थानीय प्रशासन की टीमों की निगरानी में बाघिन को ट्रांसपोर्ट वाहन में सुरक्षित रखा गया।
- रेलवे स्टेशन तक लाने और ट्रेन में बैठाने की पूरी व्यवस्था की गई।
- ट्रेन में बाघिन और डॉक्टरों के लिए विशेष कोच उपलब्ध कराया गया।
वन विभाग ने केंद्र सरकार से विशेष रेलवे कोच की अनुमति मांगी थी, जिसे सिर्फ 24 घंटे में मंजूरी दे दी गई। इसके बाद रेलवे अधिकारियों ने बाघिन के लिए कोच को अनुकूल बनाया और यात्रा के दौरान डॉक्टरों के बैठने की सुविधा भी सुनिश्चित की।
वन मंत्री का बयान
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा:
“जंगल सफारी में अस्वस्थ बाघिन के समुचित उपचार के लिए उसे जामनगर भेजा गया है। विशेषज्ञों की देखरेख में उसका इलाज किया जाएगा। हमारी प्राथमिकता बाघिन की सुरक्षा और स्वास्थ्य है।”
⚡ संक्षेप:
- बाघिन का नाम: बिजली
- समस्या: किडनी की बीमारी
- उपचार स्थल: ग्रीन्स जूलॉजिकल रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर, जामनगर, गुजरात
- प्रवास: ट्रेन के माध्यम से विशेष कोच में
- सुपरविजन: वन विभाग, रेलवे और स्थानीय प्रशासन की टीम



