
गरियाबंद न्यूज़ धमाका – छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से सामने आई एक चौंकाने वाली घटना में शिक्षा विभाग के दो कर्मचारियों को पेंशन दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में BEO ऑफिस का वरिष्ठ बाबू मोहम्मद मजहर बेग और हाई स्कूल का लिपिक खोरबाहरा राम ध्रुव शामिल हैं। दोनों पर दो महिलाओं से कुल 4.80 लाख रुपये ठगने का आरोप है।
पहला मामला: चेक बुक में हस्ताक्षर कराकर 2.80 लाख की ठगी
पीड़िता बिशाखा बाई, ग्राम पतोरा निवासी, ने 20 जून को फिंगेश्वर थाना में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के अनुसार, वर्ष 2021 में उनके पति स्व. गेसनारायण दीवान, जो शिक्षक थे, उनका निधन हो गया था। पेंशन प्रक्रिया के सिलसिले में जब वह BEO ऑफिस के बड़े बाबू मोहम्मद मजहर खान से मिलीं, तो उन्होंने पेंशन कार्य के बदले पैसे की मांग की।
इसके बाद, मजहर खान और लिपिक खोरबाहरा राम ध्रुव ने चेक बुक में हस्ताक्षर कराकर पीड़िता के खाते से ₹2,80,000 नगद निकाल लिए और पेंशन कार्य अधूरा ही छोड़ दिया।
दूसरा मामला: घर जाकर ली ₹2 लाख की नगद राशि
दूसरी पीड़िता, अकलवारा थाना छुरा क्षेत्र की निवासी, पेंशन कार्य के लिए जब मोहम्मद मजहर खान से मिलीं, तो उन्होंने कहा कि फाइल पास कराने में पैसे लगेंगे। बाद में मजहर और राम ध्रुव मिलकर पीड़िता के घर पहुंचे और ₹2,00,000 नगद ले गए। इसके बावजूद, उन्होंने कोई काम नहीं किया।
पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई
दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए एसपी गरियाबंद ने तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए। फिंगेश्वर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया और पूछताछ के दौरान उन्होंने धोखाधड़ी की बात कबूल ली।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 381(4), 61(2), 3(5) BNS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
गिरफ्तार आरोपी:
- मोहम्मद मजहर बेग, पिता मो. सरवर बेग, उम्र 37 वर्ष, निवासी वार्ड नंबर 07, गोबरा नवापारा, जिला रायपुर।
- खोरबाहरा राम ध्रुव, पिता स्व. लीलाराम ध्रुव, उम्र 49 वर्ष, निवासी थाना छुरा, जिला गरियाबंद।
प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार और लापरवाही की स्थिति को उजागर कर दिया है। विशेष रूप से पेंशन जैसे संवेदनशील मामलों में लापरवाही बेहद निंदनीय है। अब देखना होगा कि प्रशासन इन कर्मचारियों पर कैसी कानूनी कार्रवाई करता है और पीड़ितों को न्याय दिलाने में कितनी तत्परता दिखाता है।



