
हत्या की घटना को छुपाने का किया गया था प्रयास। गांव वालों से कहा हार्ट अटेैक से हुयी है मृतिका की मौत। पर सच कुछ और ही निकला। आरोपी भेजे गये जेल।
परिवार के झूठे सम्मान के लिये कोण्डागांव में ऑनर किलिंग का चैंकाने वाला मामला सामने आया है। जिसमें एक युवती को उसके ही 6 परिवार जनों ने मिल कर मार डाला। पुलिस ने कार्यवाही करते हुये सभी को न्यायिक हिरासत में भेजा है।
ये है पूरा मामला – कोण्डागांव जिले के ग्राम कानागांव की घटना में मृतिका ललिता नाग निवासी मडकड़ा की सगाई ग्राम कानागांव के संतोष कोर्राम के साथ हुयी थी। मृतिका ललिता सगाई के कुछ दिन बाद घर से भागकर संतोष कोर्राम के घर कानागांव रहने आयी थी, जिसे उसके घर वाले समझाकर उसे ग्राम मड़कड़ा वापस ले गये। 16 अक्टूबर को मृतिका ललिता नाग पुनः घर से भागकर ग्राम कानागांव संतोष कोर्राम के पास आ गईं।
ऑनर किलिंग में सामिल है ये – मृतिका का भाई नारायण नाग अपने घर परिवार एंव रिष्तेदार रूपसिंह नाग पिता गागरू नाग उम्र 40 वर्ष जाति गोड़ मंगतु पिता घस्सु नाग उम्र 45 वर्ष जाति गोड़ रत्तुराम सलाम पिता सुदराम उम्र 52 वर्ष जाति गोड़ सभी साकिनान ग्राम मड़कड़ा थाना बडेडोगर तथा संतोष मरापी पिता स्वः लखनलाल उम्र 21 वर्ष जाति गोड़ सकिन कोनगुड किदरीपारा थाना कोण्डागांव छग एंव विधि से संघर्षरत बालक को लेकर अपनी बहन को लेने प्रार्थी संतोष कोर्राम के घर गया । घर के आगंन में मृतिका ललिता नाग खड़ी थी। जिसे देखकर आरोपी नारायण नाग आवेष में आकर बार बार भागकर यहाॅ आ जाती है, कहते हुये, हत्या करने की नियत से उसके सिर को पकड़कर दिवाल में ठोका, जिससें ललिता आंगन में गिर गई। उसके बाद आरोपी नारायण ने मृतिका के पेट एंव छाती में लात से मारा जिससें ललिता बेहोश हो गई।
कार में डाल कर ले जा रहे थे घर, रास्ते में ही हुयी मौत – उसके बाद सभी लोगों ने ललिता को कार में डालकर ग्राम मड़कड़ा लेकर जा रहे थे कि रास्ते में ललिता नाग की मृत्यु हो गई। ललिता नाग के षव को ग्राम मड़कड़ा ले जाकर गांव वालों को मृतिका ललिता की मृत्यु हार्ट अटैक से हुआ, बताकर उसके लाष को जला दिये। प्रार्थी संतोष कोर्राम को घटना की जानकारी होने पर गांव के सरपंच व बड़े बुर्जगो को घटना की बात बताकर रिपोर्ट करने थाना बडेेेडोगर गये।
बडे डोंगर थाना हुयी एफआईआर – रिपोर्ट पर थाना बडेडोगर में अपराध धारा 302,201,120,(बी) भादवि पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। मामला थाना ईरागांव क्षेत्र का होने से डायरी थाना ईरागांव ट्रासफर किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुये, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देषन में अतिक्ति पुलिस अधीक्षक राहुलदेव षर्मा के मार्ग दर्षन में एंव अनुविभागीय अधिकारी केषकाल भूपत सिंह धनेश्री के पर्यवेक्षण में आरोपी की गिरप्तारी की गयी। जिसमें
पांचों आरोपी हुये गिरफ्तार – निरीक्षक विनोद कुमार साहू के नेतृत्व में पुलिस टीम के द्वारा 12 घंटे के अन्दर पांचो आरोपियों को गिरप्तार किया गया। तथा विधि से संघर्षरत एक बालक को निरूद्ध किया गया। जिन्हे वैधानिक काय्रवाही के उपरान्त 27 अक्टूबर को न्यायालय में पेष किया जायेगा।
टीम में सामिल रहे ये – सम्पूर्ण कार्यवाही में निरीक्षक विनोद साहू, पिताम्बर कठार, किषोर कुमार प्रजापति, देवेन्द्र नागेष ,रामदयाल पैकरा , दिलीप नेताम,, रघुराज भदौरिया , संतोष पोयाम तेजराम सिदार संतोष सिदार सुरेन्द्र सेठिया कमल नेगी बालासिंह यादव षामिल रहे।
