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माड़म सिल्ली के गेट खुले, गंगरेल में भी ऐसी ही नौबत दर्जनभर बांध लबालब

31 अगस्त 2026 //

रायपुर न्यूज़ धमाका –  छत्तीसगढ़ में लगातार अच्छी बारिश के बाद बांधों में पानी की स्थिति मजबूत बनी हुई है। प्रदेश के प्रमुख और मध्यम बांधों में कुल 87.81 प्रतिशत जलभराव है।

 छत्तीसगढ़ में लगातार अच्छी बारिश के बाद बांधों में पानी की स्थिति मजबूत बनी हुई है। प्रदेश के प्रमुख और मध्यम बांधों में कुल 87.81 प्रतिशत जलभराव है। कुल 46 महत्वपूर्ण बांधों की निर्धारित क्षमता 6360.23 मिलियन घनमीटर के मुकाबले वर्तमान में 5584.98 मिलियन घनमीटर पानी उपलब्ध है। प्रमुख 12 बांधों में 88.86 प्रतिशत और 34 मध्यम बांधों में 82.23 प्रतिशत जलभराव है। पिछले वर्ष इसी अवधि में कुल जलभराव 84.95 प्रतिशत था, जबकि 2024 में यह 85.72 प्रतिशत दर्ज किया गया था। लगभग एक दर्जन बांध लबालब हो गए हैं। जिन बांधों में पानी की आवक बढ़ी है, वहां से पानी छोड़ा जा रहा है।

भारी बारिश की वजह से यहां के गंगरेल और माड़मसिल्ली जैसे बांध पूरी तरह भर गए हैं। बारिश और कैचमेंट एरिया से पानी की बढ़ती आवक से जिले के कई बांधों में पानी बढ़ गया है। दुधावा और सोंदूर बांधों का भी वाटर लेवल बढ़ रहा है। गंगरेल बांध में 91 फीसदी से अधिक जलभराव हो चुका है। करीब 32 टीएमसी क्षमता वाले बांध में लगातार 3548 क्यूसेक पानी की आवक बनी हुई है। जलस्तर में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो गंगरेल बांध के गेट खोलने की स्थिति बन सकती है, इसे देखते हुए प्रशासन और सिंचाई विभाग हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

दुधावा और सोंदूर डेम भी लबालब

अन्य बांधों में भी लगातार बारिश के चलते पानी की स्थिति मजबूत हुई है। करीब 10.192 टीएमसी क्षमता वाले दुधावा डेम में 82.73 फीसदी जलभराव दर्ज किया गया है। वहीं 6.995 टीएमसी क्षमता वाले सोंदूर डेम में 68.90 फीसदी पानी भर चुका है। लगातार हो रही बारिश के कारण कैचमेंट एरिया से बांधों में पानी की आवक बढ़ रही है।

इन बड़े बांधों में सबसे ज्यादा पानी

प्रमुख जलाशयों में मिनिमाता बांगो में 90.78 प्रतिशत, रविशंकर सागर में 90.72 प्रतिशत, मुरुमसिल्ली में 98.82 प्रतिशत, खारंग में 100 प्रतिशत, कोडार में 100 प्रतिशत और मनियारी में 100 प्रतिशत जलभराव दर्ज किया गया है। तांदुला में 78.73 प्रतिशत, दूधावा में 82.37 प्रतिशत, सिकासार में 81.43 प्रतिशत, सोंडूर में 68.77 Lage प्रतिशत और केलो में 37.03 प्रतिशत पानी है।

माड़मसिल्ली बांध में एयर प्रेशर से गेट ऑटोमैटिक खुले 

माड़मसिल्ली बांध लगभग पूरी क्षमता तक भर चुका है। करीब 5.849 टीएमसी क्षमता वाले इस बांध में 98.82 फीसदी जलभराव दर्ज किया गया है। बांध के 100 फीसदी भरने की स्थिति में यहां लगे ऑटोमेटिक साइफन सिस्टम ने सक्रिय होकर पानी की निकासी शुरू कर दी है। माड्‌मसिल्ली बांध में 98 फीसदी जलभराव के बाद एयर प्रेशर से गेट ऑटोमैटिक खुल गए हैं। सायफन सिस्टम में जलभराव होने पर दबाव से गेट अपने आप खुलते हैं। गेट खुलने से अत्यधिक मात्रा में पानी का बहाव हो रहा है। माड़मसिल्ली बांध में कुल 34 गेट हैं और यहां का बेबी साइफन सिस्टम शुरू हो चुका है, इस वजह से बांध के जलस्तर और पानी की निकासी पर विशेष नजर रखी जा रही है।

इन बांधों से पानी छोड़ा जा रहा

जलस्तर बढ़ने के बाद कई प्रमुख बांधों में लेवल मेंटेन करने अलग-अलग माध्यम से पानी छोड़ा जा रहा है। मध्यम जलाशयों में कोसारटेड, मोगरा बैराज, कड़ा नाला, सुखा नाला बैराज, घोंघा, पेंड्रावन, रूसे, घुमरिया नाला बैराज से पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं मिनीमाता बांगो- नहर से 23.40 घनमीटर, स्पिलवे से 1258.40 घनमीटर और अन्य निकासी 254.88 घनमीटर प्रति सेकंड पानी छोड़ा जा रहा है। रविशंकर सागर – नहर से 43 घनमीटर, पेनस्टॉक से 940 घनमीटर प्रति सेकंड।

  • तांदुला- नहर से 34 घनमीटर, अन्य निकासी 877 घनमीटर प्रति सेकंड ।
  • दुधावा- नहर से 14 घनमीटर, आउटफॉल से 528 घनमीटर प्रति सेकंड ।
  • सिकासार- नहर से 12.80 घनमीटर, अन्य निकासी 722 घनमीटर प्रति सेकंड ।
  • सोंदूर- नहर से 4 घनमीटर, अन्य निकासी 972 घनमीटर प्रति सेकंड ।
  • मुरुमसिल्ली- नहर से 37 घनमीटर, साइफन से 722 घनमीटर प्रति सेकंड।
  • कोडार- नहर से 8 घनमीटर, अन्य निकासी 1174 घनमीटर प्रति सेकंड ।
  • मनियारी- नहर से 2 घनमीटर, अन्य निकासी 528 घनमीटर प्रति सेकंड।
  • केलो- नहर से 4 घनमीटर, अन्य निकासी 1156 घनमीटर प्रति सेकंड ।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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