
12 जुलाई 2026 //
धमतरी न्यूज़ धमाका – धमतरी जिले के नगरी वन परिक्षेत्र अंतर्गत बांधा बीट के ग्राम महमल्ला में एक युवा तेंदुआ सूखे कुएं में गया, वन विभाग की टीम तत्काल घटनास्थल पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नगरी वन परिक्षेत्र अंतर्गत बांधा बीट के ग्राम महमल्ला में रविवार 12 जुलाई सुबह एक युवा तेंदुआ सूखे कुएं में गिर गया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल घटनास्थल पहुंची और सुरक्षा व्यवस्था के बीच रेस्क्यू अभियान शुरू किया। टीम की सूझबूझ और सुनियोजित रणनीति के चलते तेंदुए का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया और उसे सुरक्षित उसके प्राकृतिक आवास की ओर रवाना कर दिया गया।
भोजन और शिकार की तलाश में गांव पहुंचा था तेंदुआ
करीब डेढ़ से दो वर्ष आयु का तेंदुआ जंगल से सटे महमल्ला गांव में भोजन, पानी या शिकार की तलाश में पहुंचा था। इसी दौरान वह एक ग्रामीण के सूखे कुएं में गिर गया। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने तत्काल पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर लोगों को सुरक्षित दूरी पर रखा और रेस्क्यू अभियान शुरू किया
सीढ़ी के सहारे सुरक्षित निकला बाहर
रेस्क्यू टीम ने बिना किसी जल्दबाजी और जोखिम के तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए कुएं में एक लंबी सीढ़ी उतारी। कुछ देर तक तेंदुआ स्थिति का आकलन करता रहा, जिसके बाद उसने सीढ़ी का सहारा लिया और धीरे-धीरे कुएं से बाहर निकल आया। बाहर आते ही वह तेज़ी से पास के जंगल की ओर चला गया। पूरे अभियान के दौरान वन विभाग की टीम सतर्क रही और भीड़ को नियंत्रित रखकर किसी भी अप्रिय स्थिति को उत्पन्न नहीं होने दिया।
वन विभाग की कार्यशैली की ग्रामीणों ने की सराहना
ग्रामीणों ने वन विभाग की त्वरित कार्रवाई, धैर्य और पेशेवर कार्यशैली की खुलकर प्रशंसा की। उनका कहना था कि यदि समय पर वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंचती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। टीम ने न केवल वन्यजीव की जान बचाई, बल्कि ग्रामीणों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की।
जंगल से लगे गांवों में बढ़ती हैं ऐसी घटनाएं
उल्लेखनीय है कि धमतरी जिले के नगरी और सिहावा वनांचल के अधिकांश गांव घने जंगलों एवं पहाड़ी क्षेत्रों से लगे हुए हैं। यह क्षेत्र तेंदुए, भालू सहित अनेक वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास है। यही कारण है कि भोजन और शिकार की तलाश में वन्यजीव समय-समय पर गांवों तक पहुंच जाते हैं। ऐसे में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं भी सामने आती रहती हैं।
वन विभाग की अपील
वन विभाग की इस सफल कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम, सही रणनीति और संयम के साथ मानव और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा प्रभावी ढंग से सुनिश्चित की जा सकती है। साथ ही विभाग ने लोगों से अपील की है कि वन्यजीव दिखाई देने या ऐसी किसी भी घटना की जानकारी तत्काल वन विभाग को दें तथा मौके पर भीड़ लगाने से बचें, ताकि रेस्क्यू अभियान सुरक्षित और सुचारु रूप से संचालित किया जा सके।


