
राजिम न्यूज धमाका – फिंगेश्वर विकासखंड के ग्राम सरकड़ा स्थित शासकीय स्कूल से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। महज 11 वर्ष की आयु का एक छात्र बीते दो-तीन दिनों से लगातार चाकू लेकर स्कूल पहुंच रहा था और उसने शिक्षकों तथा सहपाठियों को गंभीर रूप से धमकाया। इस घटना से स्कूल परिसर में भय और तनाव का माहौल बन गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, छात्र ने खुलेआम चाकू दिखाकर कहा कि वह किसी का भी मर्डर कर सकता है। शिक्षक जब मामले की गंभीरता को समझे, तो उन्होंने छात्र को चाकू के साथ रंगे हाथों पकड़ा और इसका वीडियो भी बनाया। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे मामला और गरमा गया है।
प्रशासन और शिक्षा विभाग में हड़कंप
घटना की जानकारी मिलते ही शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन हरकत में आ गया है। संबंधित अधिकारियों ने स्कूल का दौरा कर प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि छात्र के इस खतरनाक व्यवहार के पीछे क्या वजह है — पारिवारिक तनाव, मानसिक दबाव या कोई और कारण।
मानसिक स्वास्थ्य पर उठे सवाल
बाल मनोविज्ञान विशेषज्ञों के अनुसार, इतनी कम उम्र में इस तरह की आक्रामकता किसी गंभीर मानसिक या भावनात्मक समस्या का संकेत हो सकती है। विशेषज्ञों ने छात्र की गहन काउंसलिंग की आवश्यकता पर जोर दिया है।
क्या बोले शिक्षक
स्कूल के एक शिक्षक ने बताया, “बच्चा पिछले कुछ दिनों से अलग व्यवहार कर रहा था। हमने कई बार समझाने की कोशिश की, लेकिन जब उसने चाकू निकाला और धमकाने लगा, तो हमें सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाना पड़ा।”
क्या कहता है कानून और बाल अधिकार आयोग?
हालांकि शिक्षक द्वारा वीडियो बनाना और उसे सोशल मीडिया पर साझा करना प्रश्नों के घेरे में है। बाल अधिकारों के तहत किसी नाबालिग की पहचान उजागर करना गैरकानूनी माना जाता है। इस मामले में आयोग द्वारा स्वतः संज्ञान लिए जाने की संभावना जताई जा रही है।
समाज और प्रशासन की भूमिका अहम
इस घटना ने न केवल स्कूल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी दिखाया है कि बच्चों की मानसिक स्थिति की अनदेखी कितनी खतरनाक हो सकती है। प्रशासन को चाहिए कि वह स्कूलों में सुरक्षा मानकों की समीक्षा करे और साथ ही छात्रों के लिए नियमित काउंसलिंग सत्रों की व्यवस्था करे।



