
बीजापुर न्यूज़ धमाका – छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सल आतंक का नया चेहरा सामने आया है। पेद्दा कोरमा गांव में दो छात्रों समेत तीन आदिवासियों की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने 5 नक्सल समर्थकों को गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी नक्सलियों द्वारा आयोजित तथाकथित ‘जन अदालत’ में हत्या और मारपीट की वारदात में सीधे तौर पर शामिल थे।
हत्या की वारदात – 17 जून की शाम
पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, 17 जून को पेद्दाकोरमा गांव से दो छात्रों सहित तीन ग्रामीणों का अपहरण कर लिया गया था। बाद में इनकी गला घोंटकर हत्या कर दी गई। मृतकों की पहचान झींगु मोडियम, सोमा मोडियम और अनिल माड़वी के रूप में हुई है।
पुलिस ने बताया कि यह घटना कुख्यात नक्सली वेल्ला और उसकी टीम द्वारा मंगलवार शाम लगभग 4 बजे अंजाम दी गई थी। मारे गए दो ग्रामीण कभी नक्सल गतिविधियों में शामिल रह चुके पूर्व नक्सली नेता दिनेश मोडियम के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं।
जन अदालत बनी मौत का फरमान
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने नक्सलियों के साथ मिलकर एक कथित जन अदालत का आयोजन किया, जिसमें तीनों ग्रामीणों को मौत की सजा सुनाई गई। इसके बाद पहले उनकी बेरहमी से पिटाई की गई और फिर गला घोंटकर हत्या कर दी गई।
घटना के दौरान नक्सलियों ने 7 अन्य ग्रामीणों की भी पिटाई की और उन्हें घायल अवस्था में छोड़ दिया। साथ ही दर्जनभर लोगों का अपहरण कर लिया गया था, जिन्हें अगले दिन रिहा किया गया।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने पूरे क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। गुप्त सूचना के आधार पर 5 नक्सल समर्थकों को पकड़ा गया, जिनकी भूमिका हत्या में पाई गई है। सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस बाकी फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।
बढ़ती नक्सली हिंसा पर चिंता
इस घटना ने बीजापुर जिले में एक बार फिर नक्सल गतिविधियों की नृशंसता और स्थानीय नेटवर्क की सक्रियता को उजागर किया है। ग्रामीणों में भय का माहौल है और पुलिस द्वारा गांव में लगातार गश्त की जा रही है।
प्रशासन का रुख
बीजापुर पुलिस अधीक्षक ने कहा है,
“जन अदालत के नाम पर नक्सली मासूम ग्रामीणों की हत्या कर रहे हैं। इस तरह की घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। दोषियों को न्याय के कठघरे में लाया जाएगा।”



