बिलासपुरछत्तीसगढ

 करेला की कड़वी बोली, मिर्च की बढ़ी लाली

बिलासपुर,न्यूज़ धमाका :-पेट्रोल डीजल की कीमतों में वृद्धि का असर अब चौतरफा देखने को मिल रहा है। सस्ती मिलने वाली सब्जियों के दाम में तेजी का आलम ये कि रसोई में नजर नहीं आ रही है। कुम्हड़ा,लौकी और मूली की कीमतें आसमान छूने लगी है। पांच रुपये किलो के हिसाब से बिकने वाला मूली 40 रुपये में बिक रहा है।

पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ ही वैवाहिक सीजन ने महंगाई को और भी ज्यादा बढ़ा दिया है। अचरज की बात ये कि कीमतें ऊंची होने के बाद भी मांग इतना ज्यादा कि सब्जी व्यापारी पूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। शादी ब्याह और पार्टी में मांग इतनी ज्यादा है कि रसोई से हरी सब्जियां गायब सी हो गई है।

रसोई से हरी सब्जियां गायब से हो गई है। हरी सब्जियों की जगह आलू और प्याज ने ले लिया है। आमतौर पर इस सीजन में लौकी, कुम्हड़ा, मूली इतनी सस्ती हो जाती थी कि रसोई में सबसे ज्यादा यही दिखाई देता था। अब ऐसा नहीं है।

सलाद आयटम भी महंगा

सलाद के काम आने वाला प्याज,अदरक,हरी मिर्ची,धनिया,गाजर से लेकर चुकंदर की कीमतों में भी भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है। धनिया पत्ती 100 स्र्पये प्रति किलोग्राम पर बिक रहा है। अदरक की बोली भी ऊंची है। 50 स्र्पये प्रति किलोग्राम पर अदरक की बिक्री हो रही है। नींबू या तो बाजार से गायब है और है तो आम आदमी की पहुंच से बहुत दूर। 12 स्र्पये प्रति नग के हिसाब से नींबू की बिक्री हो रही है। हरी मिर्ची ओैर शिमला मिर्च 80 स्र्पये किलोग्राम के हिसाब से चिल्हर बाजार में बिक्री हो रही है। धनिया पत्ती और हरी भाजियां जुड़ियों के बजाय किलो के हिसाब से बिक्री हो रही है।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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