
भिलाई न्यूज धमाका – एक युवक को सार्वजनिक स्थान पर पोर्न वीडियो देखने और दूसरों को दिखाने के आरोप में आईटी एक्ट की गंभीर धारा 67(A) के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। यह घटना शहर के खुर्सीपार थाना क्षेत्र की है, जिसने साइबर अपराधों के प्रति आमजन में जागरूकता की आवश्यकता को एक बार फिर सामने रखा है।
क्या है पूरा मामला?
- स्थान: खुर्सीपार, ITI मैदान के पास, भिलाई
- तारीख: मंगलवार, 24 जून 2025
- आरोपी: दिलावर हुसैन, उम्र 19 वर्ष
- घटना: आरोपी पेड़ के नीचे बैठकर मोबाइल में पोर्न वीडियो देख रहा था और आसपास मौजूद अन्य लोगों को भी दिखा रहा था।
पुलिस की कार्रवाई
- खुर्सीपार पेट्रोलिंग टीम को सूचना मिली कि एक युवक अश्लील वीडियो सार्वजनिक रूप से दिखा रहा है।
- पुलिस ने मौके पर पहुँचकर आरोपी से पूछताछ की, जिसने अश्लील वीडियो देखने और दिखाने की बात स्वीकार की।
- इसके आधार पर आरोपी के खिलाफ IPC की कोई सामान्य धारा नहीं, बल्कि सीधे आईटी एक्ट की धारा 67(A) के तहत एफआईआर क्रमांक 127/25 दर्ज किया गया।
- आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
क्या है IT ACT की धारा 67(A)?
Information Technology Act, 2000 की धारा 67(A) ऐसे मामलों से संबंधित है, जिसमें कोई व्यक्ति इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से यौन रूप से स्पष्ट सामग्री (sexually explicit content) प्रकाशित या प्रसारित करता है।
- पहली बार दोषी पाए जाने पर:
3 साल तक की सजा
5 लाख रुपये तक जुर्माना - पुनरावृत्ति (Repeat offense) पर:
5 साल तक की सजा
10 लाख रुपये तक जुर्माना
यह एक गंभीर गैर-जमानती अपराध माना जाता है, और सार्वजनिक शालीनता, साइबर सेफ्टी और डिजिटल नैतिकता का उल्लंघन करता है।
क्यों जरूरी है डिजिटल शालीनता?
इस घटना ने एक बार फिर यह दर्शाया है कि डिजिटल स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी भी जरूरी है। आज जब मोबाइल और इंटरनेट सबके हाथ में है, तब सार्वजनिक स्थानों पर आपत्तिजनक या आपराधिक डिजिटल व्यवहार के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो रही है।
पुलिस की अपील:
खुर्सीपार थाना प्रभारी ने बताया कि—
“इंटरनेट का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ पुलिस सतर्क है। सार्वजनिक स्थलों पर इस प्रकार की गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नागरिकों से अनुरोध है कि कोई भी आपत्तिजनक व्यवहार दिखाई दे, तो तुरंत सूचना दें।”
निष्कर्ष:
इस घटना से स्पष्ट है कि सार्वजनिक स्थान पर मोबाइल फोन या डिजिटल डिवाइस के ग़लत इस्तेमाल से न सिर्फ कानून का उल्लंघन हो सकता है, बल्कि जेल भी जाना पड़ सकता है। युवा पीढ़ी को डिजिटल नैतिकता और कानून की समझ जरूरी है।


