कोंडागांवछत्तीसगढ

कमेला गौठान में साइलेज बनाने के लिए स्व-सहायता समूह की महिलाओं को पषु चिकित्सक डाॅ नीता मिश्रा ने दिया प्रशिक्षण

साईलेज हरे चारे से बनाया गया अचार या मुरब्बा कहलाता है जिसे हरे चारे का मौसम निकल जाने के बाद भी पषुओं के लिये सुरक्षित रखा जा सकता हैं। पौष्टिक तत्वो से भरपूर साईलेज दुधारू पषुओं में दूध की मात्रा बढा देता है। पषु इसे बडे चाव से खाते हैं

कोंडागांव न्यूज़ राज्य शासन के निर्देशानुसार चारागाह विकास कार्यक्रम के अंतर्गत पशुओं के लिये वर्ष भर हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने जिले के सभी गौठानो में नेपियर का रोपण किया जा रहा है। जिसके तहत् जिले में 284000 एवं विकासखंड कोण्डागांव के 18 गौठानो में 117000 नेपियर चारे का रोपण किया गया है। चूंकि कोण्डागांव जिले में मक्का उत्पादन प्रचुर मात्रा में होता है इसलिए समूहों के माध्यम से साइलेज निर्माण की योजना पशुधन विकास विभाग द्वारा बनाई गई है।

रूर्बन मिशन ने की नवाचारी पहल

इसके क्रियान्वयन के लिये रूर्बन मिशन अंतर्गत रूर्बन क्लस्टर बड़ेकनेरा के ग्राम पंचायत कमेला में दुर्गा स्व-सहायता समूह का चयन किया गया है। जिन्हें मिशन अंतर्गत साइलेज मशीन प्रदाय की जायेगी। उपसंचालक पशुचिकित्सा सेवाएं डॉ शिशिरकान्त पांडेय के मार्गदर्शन में प्रभारी जिला पशुचिकित्सालय डॉ नीता मिश्रा द्वारा विकासखंड कोण्डागांव के ग्राम गौठान कमेला में साइलेज निर्माण के लिये दुर्गा स्व-सहायता समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया।

हरे चारा का अचार या मुरब्बा है साईलेज

पशुओ के लिए अमृत रूपी साइलेज खिलाने से न केवल दूध में बढोत्तरी होती है अपितु उनका स्वास्थ्य भी ठीक रहता है। साइलेज बनाने मक्के को दूधिया अवस्था मे काटकर उसमे गुड़ पानी, नमक एवं कल्चर मिलाकर वायुरहित पॉलीथिन बैग या साइलो पिट में 8 हफ्ते के लिए संरक्षित किया जाता है। तत्पश्चात सुनहरा रंग में तैयार किया गया साइलेज पशुओं को सीधे खिलाया जाता है। इस प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने बताया कि बारिश उपरांत ठंड एवं ग्रीष्म काल मंे पशुओं को हरा चारा नहीं मिलने से उनके उत्पादन एवं प्रतिरोधक क्षमता में विपरीत प्रभाव पड़ता है।

महिलाओं को मिल सकेगा रोजगार

वर्तमान में कोण्डागांव में पशुपालकों द्वारा निजी स्तर पर साइलेज निर्माण किया जा रहा है। जिसे 6 रुपये प्रति किलो की दर से समीपस्थ जिलों जैसे बस्तर, दंतेवाड़ा एवं रायपुर की कुछ डेयरियों में विक्रय किया जा रहा है। अतएव महिलाओं द्वारा साइलेज निर्माण से रोजगार सृजन कर आजीविका की अपार संभावनाएं विद्यमान है।
मौजूद रहे ये – उपरोक्त कार्यक्रम में सरपंच खेमती कश्यप, उपसरपंच इतवारीन बाई पांडेय, सहायक पशुचिकित्सा क्षेत्र अधिकारी माधुरी गौर, बिहान की ओर से रिता पटेल, हिरदु, मायाराम, बुधराम, कृषि सखी, पशु सखी एवं अध्यक्ष माँ दुर्गा समूह सरिता पांडेय एवं समस्त सदस्य सहित अन्य गा्रमीण उपस्थित रहे।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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