
बेमेतरा न्यूज धमाका – शिक्षक दिवस (5 सितंबर) के अवसर पर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल महामहिम रमेन डेका प्रदेश के प्रत्येक जिले से दो उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित करेंगे। बेमेतरा जिले से इस वर्ष दो नवाचारी शिक्षिकाएं— केवरा सेन और सुनीता राजपूत— को यह सम्मान मिलेगा।
नवाचारी शिक्षिका केवरा सेन
केवरा सेन, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कंडरका (विकासखंड बेरला) में कार्यरत हैं।
- उन्होंने स्वयं जापानी भाषा सीखी और अब अपने विद्यालय के बच्चों को भी जापानी भाषा सिखा रही हैं।
- उनके द्वारा लिखी पुस्तक “बेसिक जापानी भाषा” का विमोचन महाराष्ट्र के तत्कालीन राज्यपाल रमेश बैस ने किया था।
- वे बच्चों को स्पोकन इंग्लिश, NMMSE एवं प्रयास जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कराती हैं।
- विद्यालय में औषधि उद्यान और बच्चों के लिए बचत बैंक जैसी अनूठी पहल भी उनके द्वारा की गई है।
उनके नवाचारों के चलते वे पहले भी कई पुरस्कारों से सम्मानित हो चुकी हैं, जिनमें मुख्यमंत्री गौरव अलंकरण “ज्ञानदीप”, कोरोना योद्धा सम्मान, और शून्य निवेश नवाचार सम्मान शामिल हैं।
शिक्षिका सुनीता राजपूत
सुनीता राजपूत, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कंतेली (विकासखंड बेमेतरा) में शिक्षण कार्य कर रही हैं।
- कोरोना काल में उन्होंने ऑनलाइन क्लासेस लेकर बच्चों की पढ़ाई जारी रखी।
- बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को आगे बढ़ाने में विशेष योगदान दिया।
- आर्थिक रूप से कमजोर और पिछड़े बच्चों को सहयोग देने के लिए वे जानी जाती हैं।
- कक्षा में नवाचारी गतिविधियों के माध्यम से अध्यापन कराना और कला-साहित्य के जरिए बच्चों को शिक्षित करना उनका विशेष प्रयास रहा है।
जिले में खुशी की लहर
राज्यपाल पुरस्कार की घोषणा के बाद बेमेतरा जिला और विकासखंड में खुशी की लहर है। शिक्षिकाओं के परिवार व स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी बधाई दी है।
जिला शिक्षा अधिकारी जी.आर. चतुर्वेदी, डाइट प्राचार्य जे.के. घृतलहरे, पूर्व शिक्षा सचिव नंदकुमार (आईएएस) तथा महाराष्ट्र शिक्षा विभाग के राज्यस्रोत व्यक्ति नीलेश घुगे समेत कई अधिकारियों व शिक्षकों ने दोनों शिक्षिकाओं के कार्यों की सराहना करते हुए शुभकामनाएँ दीं।
