
बिलासपुर न्यूज धमाका – आंगनबाड़ी परिसर में रखे डीजे की पाइप गिरने से तीन साल की बच्ची की मौत के मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया है। चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस डी. गुरु की डिवीजन बेंच ने घटना को “दुर्भाग्यपूर्ण” बताते हुए जिला प्रशासन से जवाब मांगा।
कलेक्टर बिलासपुर ने कोर्ट को बताया कि परिजनों को रेडक्रॉस सोसायटी फंड से 50 हजार रुपये मुआवजा दिया गया है। इस पर नाराजगी जताते हुए चीफ जस्टिस ने कहा कि यह राशि कम है, और परिजनों को अलग से 2 लाख रुपये दिए जाएं।
पीआईएल की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सवाल उठाया कि स्कूल परिसर में डीजे का सामान आखिर क्यों रखा गया था और क्या वहां नाच-गाने की गतिविधियां होती हैं। अदालत ने कहा कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदारों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
राज्य सरकार ने जानकारी दी कि डीजे संचालक रोहित देवांगन और सहयोगियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। कोर्ट ने राज्य शासन से पूछा कि जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया क्या है और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। मामले की अगली सुनवाई अब 9 अक्टूबर को होगी।
