
रायपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ में कथित धर्मांतरण और मानव तस्करी के आरोप में दो ननों की गिरफ्तारी ने सियासी हलचल तेज कर दी है। इन ननों से मुलाकात करने INIDA गठबंधन का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल सोमवार को केरल से रायपुर पहुंचा और जेल में उनसे मुलाकात की।
मामले पर डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि, “पूरा मामला गंभीर है, लेकिन कानून अपना काम कर रहा है। GRP थाने में FIR दर्ज की गई है और शुरुआती जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं।”
क्या है मामला?
डिप्टी सीएम शर्मा ने मीडिया से बातचीत में बताया:
“केरल की दो नन अबूझमाड़ की आदिवासी लड़कियों को लेकर कहीं जा रही थीं, जिसे लेकर रेलवे पुलिस (GRP) ने उन्हें रोका। पूछताछ में संशयास्पद परिस्थितियां पाई गईं और बयानों के आधार पर FIR दर्ज की गई।”
उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में इस प्रकार की और घटनाएं सामने आई हैं, इसलिए यह मामला जांच का विषय है।
सियासी रंग और विपक्ष की प्रतिक्रिया
INIDA गठबंधन ने इस मामले को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है और कहा कि निर्दोष लोगों को धार्मिक पहचान के आधार पर निशाना बनाया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने ननों से जेल में मुलाकात कर उन्हें कानूनी मदद देने का भरोसा दिया।
धर्मांतरण कानून लाने की तैयारी
डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने इस दौरान यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार जल्द ही धर्मांतरण विरोधी कानून लाने जा रही है।
“हम छत्तीसगढ़ में ऐसा कानून लाएंगे जो धर्मांतरण की स्पष्ट परिभाषा देगा और कानूनी प्रक्रिया को मजबूत बनाएगा। यह राज्य की सामाजिक संरचना की रक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है।”
फिलहाल क्या स्थिति है?
- दोनों नन न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं।
- FIR GRP थाना रायपुर में दर्ज की गई है।
- जांच जारी है, और आगे की कार्रवाई साक्ष्यों के आधार पर होगी।
यह मामला छत्तीसगढ़ की राजनीति और सामाजिक संवेदनशीलता के केंद्र में आ गया है। आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।



