
बेमेतरा न्यूज धमाका – ज़िले के शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रबंधन में वित्तीय अनियमितताओं और अनुपस्थिति को लेकर दो प्रधान पाठकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) द्वारा उघरा और टेमरी स्कूलों के प्रधान पाठक एवं प्रधान पाठिका को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
उघरा की प्रधान पाठिका धनेश्वरी करभाल पर गंभीर आरोप
पीएम श्री शासकीय प्राथमिक शाला, उघरा में आकस्मिक निरीक्षण के दौरान वित्तीय गड़बड़ियां उजागर हुईं। जांच में यह पाया गया कि—
- कैश बुक और बिल-वाउचर का मिलान ग़लत था।
- क्रय समिति का गठन नहीं हुआ और व्यय का अनुमोदन भी नहीं कराया गया।
- स्टॉक रजिस्टर अधूरा, सामग्री का लेखा-जोखा और भौतिक सत्यापन नहीं किया गया।
- एक ही सामान को एक ही दुकान से बार-बार खरीदकर टुकड़ों में बिल वाउचर प्रस्तुत किए गए, जिससे शाला प्रबंधन समिति को विश्वास में लिए बिना राशि निकाली गई।
शिकायत शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष व संकुल समन्वयक चौतराम सेन द्वारा की गई थी। धनेश्वरी करभाल को नोटिस देकर जवाब मांगा गया था, लेकिन जवाब न देने और उच्च कार्यालय के निर्देश की अवहेलना करने पर उन्हें सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के तहत निलंबित किया गया।
निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बेमेतरा रखा गया है।
टेमरी के प्रधान पाठक कपिल नारायण वर्मा पर अनुपस्थिति का मामला
शासकीय प्राथमिक शाला टेमरी, नवागढ़ में 14 जुलाई को राज्यपाल रमेन डेका के गोद लिए गांव के स्कूल में आकस्मिक निरीक्षण हुआ, जिसमें प्रधान पाठक कपिल नारायण वर्मा बिना सूचना के अनुपस्थित पाए गए।
- नोटिस मिलने के बाद उन्होंने स्वास्थ्य कारण (लकवा) का हवाला देते हुए इलाज के लिए बाहर होने की बात कही, लेकिन कोई प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया।
- जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर डीईओ ने उन्हें भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, नवागढ़ निर्धारित किया गया है।
निलंबन की अवधि में दोनों शिक्षकों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
प्रशासनिक संदेश
इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि जिला शिक्षा विभाग अब वित्तीय अनुशासन और कार्यक्षमता में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगा। शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता और जिम्मेदारी को लेकर सख्ती बढ़ाई जा रही है।
