
गरियाबंद न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां पाइल्स (बवासीर) का इलाज कराने गए 40 वर्षीय पुरुषोत्तम ध्रुव की झोलाछाप डॉक्टरों की लापरवाही के चलते मौत हो गई। इलाज के दौरान मलद्वार की नस कट जाने से वह खून से लथपथ होकर तड़पता रहा और अंततः उसने दम तोड़ दिया।
इलाज के नाम पर ठगी
मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम पेंड्रा का है। बताया जा रहा है कि मृतक काफी समय से बवासीर से पीड़ित था। वह बाहर अस्पताल जाकर इलाज नहीं कराना चाहता था। इसी बीच उसकी मुलाकात ओडिशा सीमा के रहने वाले झोलाछाप डॉक्टर बबलू तांडी और संजू राजपूत से हुई।
- दोनों ने इलाज के लिए 30 हजार रुपए की मांग की।
- 20 हजार एडवांस लेकर 20 अगस्त से इलाज शुरू किया गया।
- इलाज उसके घर पर ही किया जा रहा था।
ऑपरेशन के दौरान काट दी नस
23 अगस्त को जब झोलाछाप डॉक्टर पाइल्स का ऑपरेशन कर रहे थे, तभी उन्होंने गलती से मलद्वार की नस काट दी। इससे मरीज का खून बहने लगा। घबराए डॉक्टर इलाज बीच में छोड़कर 10 हजार रुपए और मांगकर भाग निकले।
परिवार ने देखा खौफनाक मंजर
डॉक्टरों ने परिजनों को कमरे में न आने की हिदायत दी थी। लेकिन जब मृतक की बड़ी बेटी कमरे में पहुँची तो उसने पिता को खून से लथपथ हालत में तड़पते हुए देखा। तत्काल उसे गरियाबंद सरकारी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
ग्रामीणों में आक्रोश
इस वारदात से ग्रामीणों और आदिवासी समाज में भारी आक्रोश है। लोगों ने झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मृतक परिवार को मुआवजा देने की मांग की है।
पुलिस की कार्रवाई
एडिशनल एसपी जितेंद्र चंद्राकर ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली थाना में केस दर्ज कर लिया गया है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
