
लोरमी न्यूज धमाका – मुंगेली जिले के लोरमी क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। डिंडौरी चौकी अंतर्गत ग्राम पंचायत नवरंगपुर में 25 दिन पहले लड़की की लाश घर में फांसी के फंदे पर झूलती मिली थी। परिजनों ने इस मामले को आत्महत्या नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या बताया है।
क्या है मामला?
घटना 25 दिन पुरानी है, लेकिन अब भी पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची है। परिजनों का कहना है कि घटना से कुछ समय पहले कुछ लोग मृतका के घर आए थे, मारपीट की और उसका मोबाइल छीनकर चले गए।
मृतका की छोटी बहन उषा ने बताया कि जब वह घर पहुंची, तो बहन फांसी पर झूलती मिली। उसी समय सोनिया लुनिया और उसकी बेटी को घर से बाहर निकलते हुए देखा गया।
प्रेम प्रसंग और धमकी का आरोप
गांव के सरपंच श्याम लुनिया ने भी पुष्टि की कि मृतका और जतिन लुनिया के बीच प्रेम संबंध थे, जिसकी जानकारी पूरे गांव को थी। सरपंच के अनुसार, जतिन की सास सोनिया लुनिया और बेटी ने मृतका को धमकाया था और घटना वाले दिन उसे पीटने के बाद मोबाइल भी छीन लिया गया था।
परिजनों का आरोप – हत्या को आत्महत्या दिखाने की कोशिश
मृतका के दादा ने मीडिया से बात करते हुए कहा,
“सोनिया लुनिया और उनकी बेटी ने पहले धमकी दी, फिर मारपीट की और हमारी पोती का फोन छीन लिया। हमे यकीन है कि ये आत्महत्या नहीं, हत्या है जिसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई।”
पुलिस जांच जारी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार
मामले में डीएसपी मयंक तिवारी ने बताया कि पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की है, और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक धाराओं में केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
सवाल उठते हैं…
- जब मृतका से मारपीट हुई, मोबाइल छीना गया — तो पुलिस को अभी तक कोई डिजिटल साक्ष्य या कॉल डिटेल क्यों नहीं मिले?
- यदि परिवार की शिकायत सही है, तो अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई?
- 25 दिन की जांच में पुलिस किस नतीजे तक पहुंची है?
समाज में संदेश
इस तरह की घटनाएं न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती हैं, बल्कि नाबालिग बच्चियों की सुरक्षा पर भी गंभीर चिंता जताती हैं। यह बेहद जरूरी है कि पुलिस साफ और निष्पक्ष जांच कर, दोषियों को सजा दिलाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
