
रायपुर न्यूज धमाका – जन्म से ही कॉर्नियल ओपेसिटी के कारण अंधेरे में जी रही छह वर्षीय बच्ची अब दुनिया देख सकेगी। आंबेडकर अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में उसका कार्निया प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक किया गया। यह अस्पताल में कार्निया ट्रांसप्लांट कराने वाली सबसे छोटी मरीज है।
बच्ची को हाल ही में दान में मिले कार्निया की मदद से दृष्टि मिली। डॉक्टरों की टीम ने बड़ी सर्जरी कर उसकी आंखों में नई रोशनी भरी। चिकित्सकों के अनुसार ऑपरेशन के बाद उसकी दृष्टि में लगातार सुधार हो रहा है।
तीन अन्य मरीजों का भी ट्रांसप्लांट
इसी दौरान विभाग में तीन अन्य मरीजों का भी कार्निया प्रत्यारोपण किया गया। डॉक्टरों ने बताया कि सभी मरीजों की हालत संतोषजनक है। यह सर्जरी डॉ. निधि पांडे के मार्गदर्शन में डॉ. रेशु मल्होत्रा, डॉ. स्मृति गुप्ता (कार्निया विशेषज्ञ) और डॉ. अंजू भास्कर ने की।
आधुनिक सुविधाओं से लैस विभाग
नेत्र विभाग में अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध हैं, जिनमें फंडस इमेजिंग कैमरा, डबल फ्रीक्वेंसी ग्रीन लेजर, ओसीटी मशीन, फेको और विट्रेक्टॉमी मशीन शामिल हैं। इससे गंभीर नेत्र रोगों का भी सफल उपचार संभव हो पा रहा है।
संस्थान के लिए गर्व की उपलब्धि
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने कहा कि छह वर्षीय बालिका को दृष्टि दिलाना चिकित्सकीय सफलता ही नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं का श्रेष्ठ उदाहरण है। यह उपलब्धि डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और नेत्रदान करने वाले दाताओं के सहयोग से संभव हो सकी है।
