
केशकाल न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ में महिलाओं के साथ ब्लैकमेलिंग और यौन शोषण से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। फरसगांव के केशकाल थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है, जो पहले महिलाओं से दोस्ती करता था और फिर उनके अश्लील फोटो व वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करता था। आरोपी अमान वीरानी के खिलाफ बलात्कार और धमकी की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
महिलाओं को बनाता था निशाना
पुलिस जांच में यह सामने आया है कि अमान वीरानी कई महिलाओं को झांसे में लेकर उनके साथ संबंध बनाता था। इस दौरान वह गुप्त रूप से उनका वीडियो और फोटो रिकॉर्ड करता, फिर उन्हें वायरल करने की धमकी देकर शारीरिक और मानसिक शोषण करता था। आरोपी द्वारा महिलाओं से पैसे की उगाही भी की जा रही थी।
गिरफ्तारी और जांच
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि उसने कितनी महिलाओं को अपना शिकार बनाया।
रायपुर में भी दो आरोपियों द्वारा दुष्कर्म, एक महिला को सैलून में बनाया बंधक
इधर राजधानी रायपुर के धरसींवा थाना क्षेत्र में भी महिलाओं के खिलाफ अपराध की एक और चिंताजनक घटना घटी। एक पीड़िता ने शिकायत में बताया कि 30 जून को उसकी मां के साथ शिव धृतलहरे नामक व्यक्ति ने छेड़खानी की। डर के मारे महिला पास की “खुशी सैलून” में भागी, जहां सैलून संचालक योगेश सेन ने शटर बंद कर उसके साथ बलात्कार किया।
रातभर बंधक बनाकर किया बलात्कार
शिकायत के अनुसार, योगेश सेन ने महिला को रातभर सैलून में बंधक बनाकर न सिर्फ शारीरिक शोषण किया, बल्कि मारपीट और जान से मारने की धमकी भी दी। इस मामले में एफआईआर क्रमांक 315/25 के तहत कई धाराओं में केस दर्ज कर दोनों आरोपियों को 2 जुलाई 2025 को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
इन धाराओं के तहत मामला दर्ज:
- धारा 75 (बलात्कार)
- धारा 351(2) (छेड़छाड़)
- धारा 115(2), 64(2)(ढ), 127(2), 3(5) BNS
(भारतीय न्याय संहिता 2023 के अनुसार)
सामाजिक चिंता और प्रशासन की जिम्मेदारी
लगातार सामने आ रहे इन मामलों से प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और कड़ी सजा न केवल पीड़िताओं को न्याय दिलाने में अहम है, बल्कि समाज में भय का वातावरण भी कम करती है।
प्रशासन और समाज को एकजुट होकर ऐसे अपराधों के खिलाफ लड़ाई लड़नी होगी, ताकि महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।



