
न्यूज़ धमाका :- रूस-यूक्रेन के बीच जारी युद्ध का 1 मार्च को छठवां दिन है। रूस की सेना यूक्रेन की राजधानी कीव(Kyiv) पर कब्जा करने लगातार बमबारी कर रही है। वहीं खार्किव भी भीषण युद्ध जारी है। इस बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद(United Nations Security Counci-UNSC) में इस संकट को लेकर फिर चर्चा हु हुई। इसमें 29 देशों से डिबेट के पक्ष में वोटिंग की, जबकि भारत ने वोटिंग में भाग नहीं लिया। 5 देश इसके खिलाफ रहे और 13 सदस्य तटस्थ रहे। इससे पहले भी शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रूसी हमले की निंदा करने वाले प्रस्ताव को लेकर वोटिंग से भारत ने दूरी बना ली थी।
भारत ने रूस के खिलाफ पेश हुए प्रस्ताव के समर्थन में वोट भले नहीं किया लेकिन एक साफ संदेश जरूर दिया. संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टी.एस. तिरुमूर्ति ने कहा, शुक्रवार को यूएनएससी की बैठक के बाद से यूक्रेन में हिंसा और बढ़ गई है जो अफसोसजनक है। तिरुमूर्ति ने वार्ता और कूटनीति के जरिए समस्या का समाधान करने की अपील की. उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन और रूस दोनों देशों के राष्ट्रपति से बात की है और भारत बेलारूस सीमा पर दोनों देशों के बीच बातचीत की पहल का स्वागत करता है।
भारत अपनी रक्षा जरूरतों और रूस से पुरानी दोस्ती को देखते हुए अभी तक अपने सभी बयानों में रूसी हमले का जिक्र करने और उसकी निंदा करने से बचता रहा है. हालांकि, भारत के लिए अब तटस्थ रुख बनाए रखना आसान नहीं रह गया है। पश्चिमी देशों की तरफ से भारत पर लगातार दबाव बढ़ रहा है कि वह खुलकर रूस के हमले की आलोचना करे।
तिरुमूर्ति ने यूएन में भारत के रुख को लेकर दिए स्पष्टीकरण में क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता की बात की। उन्होंने कहा, ‘वैश्विक व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय नियमों, यूएन चार्टर और सभी देशों की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के सम्मान पर आधारित है. हम सभी इन सिद्धांतों से सहमत हैं.



