
कोण्डागांव न्यूज धमाका – जिले की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं ने एक और मासूम जान ले ली। ग्राम पंचायत सिंगनपुर के आश्रित ग्राम जोंदराबेड़ा जाड़ापदर की 25 वर्षीय गर्भवती महिला सुखमनी मरकाम पत्नी मनोज मरकाम की मौत समय पर इलाज और सुविधा न मिलने से हो गई।
घटना कैसे हुई
- सोमवार सुबह सुखमनी को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई।
- परिजनों ने कई बार 102 एम्बुलेंस को कॉल किया, लेकिन जवाब मिला कि गाड़ी पहुँचने में 1-2 घंटे लगेंगे।
- मजबूरी में परिवार ने निजी वाहन की व्यवस्था की और ऊबड़-खाबड़ रास्तों से होते हुए महिला को चिपावंड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया।
- लेकिन वहाँ प्रसव सुविधा उपलब्ध नहीं थी, इसलिए महिला को तुरंत जिला अस्पताल कोण्डागांव रेफर कर दिया गया।
- जिला अस्पताल पहुँचने से पहले ही सुखमनी की मौत हो गई।
परिवार का दर्द
परिजनों का कहना है कि यदि समय पर एम्बुलेंस और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव की सुविधा मिल जाती, तो सुखमनी की जान बच सकती थी। अब परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
बड़ा सवाल
यह घटना न सिर्फ ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की खस्ताहाल स्थिति को उजागर करती है, बल्कि एम्बुलेंस व्यवस्था और मातृ-स्वास्थ्य सेवाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार और प्रशासन को अब गंभीरता से ठोस कदम उठाने होंगे, ताकि ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।



