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धमतरी पहुंचीं सांसद रूपकुमारी चौधरी, बोलीं – ‘वोकल फॉर लोकल’ संदेश के साथ जन-जन तक जाएंगे

धमतरी पहुंची सांसद रूपकुमारी चौधरी

धमतरी न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के धमतरी में शुक्रवार को आयोजित “आत्मनिर्भर भारत अभियान” पर केंद्रित प्रेस वार्ता में महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी ने स्थानीय उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत का संकल्प अब जन-जन का अभियान बन चुका है।

“हमें अधिक से अधिक लोकल उत्पादों को अपनाना होगा ताकि हर वर्ग में स्वदेशी की भावना सशक्त हो सके,”
ऐसा उन्होंने अपने संबोधन में कहा।


‘हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी’ की भावना

सांसद रूपकुमारी चौधरी ने बताया कि आत्मनिर्भर भारत अभियान 25 सितंबर, पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती से प्रारंभ होकर 25 दिसंबर, भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती तक चलेगा।
इस दौरान पूरे प्रदेश में आत्मनिर्भर भारत संकल्प सम्मेलन और रथ यात्राएं निकाली जाएंगी ताकि ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश हर व्यक्ति तक पहुंच सके।


भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता

उन्होंने कहा कि बीते एक दशक में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है —

  • रक्षा क्षेत्र में भारत अब निर्यातक देश बन गया है।
  • रक्षा निर्यात 2014-15 में जहां ₹1,941 करोड़ था, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर ₹23,622 करोड़ पहुंच गया है।
  • भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है, जिसमें 100 से अधिक यूनिकॉर्न कंपनियां शामिल हैं और 17 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है।

उन्होंने कहा,

“आत्मनिर्भर भारत का यह संकल्प सिर्फ आर्थिक प्रगति नहीं बल्कि अंत्योदय — यानी समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की दिशा में कदम है।”


हर वर्ग को मिल रहा लाभ

सांसद ने कहा कि मोदी सरकार के सुधारों से गरीब, किसान, महिला और मध्यम वर्ग को सबसे अधिक लाभ मिला है।
उन्होंने बताया कि जीएसटी सुधार और डिजिटल भारत मिशन के कारण व्यापारियों में उत्साह है, और स्वदेशी उत्पादों के प्रति लोगों का रुझान तेजी से बढ़ा है।


स्थानीय उत्पादों को मिले वैश्विक पहचान

सांसद चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूत बनाने के लिए स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि —

  • बस्तर की लोक कला,
  • चांपा का कोसा,
  • जशपुर की कॉफी
    अब राष्ट्रीय पहचान बना रहे हैं।

महिला स्व-सहायता समूहों के बनाए हर्बल उत्पाद राष्ट्रीय बाजार में पहुंच रहे हैं, जबकि डोकरा आर्ट और टेराकोटा जैसी कलाएं भारत की सांस्कृतिक आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन चुकी हैं।


“आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़” का लक्ष्य

उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ का GSDP दोगुना कर 10 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचाने का लक्ष्य है।

“प्रधानमंत्री मोदी के निर्णायक नेतृत्व और सुधारों से यह लक्ष्य निश्चित रूप से पूरा होगा।”


त्योहारों में अपनाएं स्वदेशी सामान

सांसद ने प्रदेशवासियों से अपील की —

“नवरात्रि, दशहरा और दीपावली जैसे पर्वों पर हमें स्थानीय उत्पाद खरीदने चाहिए। यह न केवल बचत का माध्यम है बल्कि देशसेवा का भी एक रूप है।”

उन्होंने कहा कि स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग देशभक्ति का प्रतीक है और यही आत्मनिर्भर भारत का वास्तविक स्वरूप है।


मुख्य बातें एक नज़र में

  • अभियान अवधि: 25 सितंबर – 25 दिसंबर
  • उद्देश्य: “वोकल फॉर लोकल” संदेश को जन-जन तक पहुंचाना
  • कार्यक्रम: रथ यात्रा, सम्मेलन, प्रदर्शनी, स्वदेशी मेले
  • लक्ष्य: आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ और 10 लाख करोड़ का GSDP
  • प्रमुख उत्पाद: बस्तर आर्ट, कोसा, कॉफी, हर्बल वस्तुएं

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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