
जशपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के जशपुर ज़िले में एक अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझ गई है। 25 वर्षीय प्रतिमा बाई की हत्या उसके ही प्रेमी ने की थी। प्रेमिका द्वारा किसी और से शादी करने से नाराज़ प्रेमी ने पहले गला दबाकर उसकी हत्या की, फिर पुलिस और समाज की आंखों में धूल झोंकने के लिए शव को फांसी पर लटका आत्महत्या का रूप देने की साजिश रची।
घटना का पूरा विवरण:
- घटना स्थल: ग्राम पंचायत बटूंगा, थाना बगीचा, जशपुर
- तारीख: 5 अप्रैल 2025 – प्रतिमा बाई लापता
- 6 अप्रैल 2025 – जंगल में पेड़ से लटका शव मिला
मूल रूप से इस घटना को आत्महत्या मानकर मर्ग दर्ज किया गया था। लेकिन मृतिका के परिजनों ने हत्या का संदेह जताते हुए एसएसपी से शिकायत की, जिसके बाद जांच का रुख बदला।
चिकित्सकीय लापरवाही और पुनः जांच:
प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने इसे आत्महत्या बताया था। लेकिन परिजनों की आपत्ति पर शव को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहाँ फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. रवि किरण तिर्की और डॉ. सुनील खाखा की टीम ने हत्या की पुष्टि की।
इस लापरवाही के लिए बगीचा BMO और जांच अधिकारी ASI को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कलेक्टर और एसएसपी ने साफ किया है कि जवाब संतोषजनक न होने पर कार्रवाई की जाएगी।
हत्या की साजिश और आरोपी का खुलासा:
- आरोपी: प्रमोद राम, गांव का ही निवासी
- रिश्ता: कई वर्षों से प्रतिमा बाई से प्रेम संबंध
- मंशा: प्रतिमा की शादी किसी और से तय हो चुकी थी
जांच के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी घटना के दिन जंगल में मृतिका से मिला था। पूछताछ में पहले वह पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन मनोवैज्ञानिक दबाव में सच उगल दिया।
घटनाक्रम आरोपी की जुबानी:
“मैंने उसे जंगल में बुलाया। शराब के नशे में था। मैंने उसे किसी और से शादी न करने को कहा, लेकिन वह नहीं मानी। गुस्से में आकर गला दबा दिया। फिर डर गया, तो शव को पेड़ में लटका दिया कि सबको लगे आत्महत्या की है।”
- आरोपी ने मृतिका का मोबाइल जंगल में फेंका और सिम कार्ड जला दिया।
- आरोपी के मोबाइल और अन्य सबूत पुलिस ने बरामद कर लिए हैं।
धाराएं और गिरफ्तारी:
- आरोपी के विरुद्ध BNS की धारा 103(1), 238(a) के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
- गिरफ्तारी के बाद न्यायिक रिमांड पर आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
पुलिस-प्रशासन से सवाल:
- पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट आत्महत्या क्यों मानी गई?
- डॉक्टर और ASI की लापरवाही पर क्या तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी?
निष्कर्ष:
इस मामले ने न सिर्फ एक दिल दहला देने वाला प्रेम प्रसंग का हत्याकांड उजागर किया है, बल्कि जांच और मेडिकल रिपोर्टिंग में गंभीर लापरवाही की पोल भी खोल दी है। सवाल ये भी उठता है कि यदि परिजन आवाज न उठाते तो क्या इस हत्या की साजिश दबा दी जाती?
