
रायपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सक्रिय भीड़भाड़ वाले इलाकों में चोरी करने वाले एक अंतर्राज्यीय महिला गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। नागपुर (महाराष्ट्र) की चार महिलाओं को गिरफ्तार कर ₹35,700 की नगदी बरामद की गई है। ये महिलाएं सवारी वाहनों और बाजारों में भीड़ का फायदा उठाकर यात्रियों के बैग से पैसे चुरा लिया करती थीं।

पहला मामला: गोलबाजार थाना क्षेत्र
बलौदाबाजार निवासी व्यापारी आरिफ़ खान रायपुर में खरीदारी के लिए आया था। उसने बताया कि वह तेलीबांधा से जय स्तंभ चौक तक ई-रिक्शा में सफर कर रहा था, उसी दौरान दो महिलाएं साथ बैठीं। गोलबाजार पहुँचने पर उसके बैग में रखे नगद रुपये गायब थे। शिकायत मिलने पर गोलबाजार थाने में धारा 303(2), 3(5) BNS के तहत मामला दर्ज किया गया।
दूसरा मामला: मौदहापारा थाना क्षेत्र
तिल्दा नेवरा निवासी मुकेश भोजवानी ने जनरल स्टोर की खरीदारी के सिलसिले में रायपुर आकर स्टेशन से ई-रिक्शा लिया। कुछ देर बाद उसके बैग से भी नकदी गायब हो गई। इस मामले में भी पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया।
CCTV फुटेज और मुखबिर की सूचना से बड़ी सफलता
दोनों मामलों की तफ्तीश के दौरान पुलिस ने घटनास्थलों के CCTV फुटेज खंगाले और पीड़ितों से पूछताछ की। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, गोलबाजार व मौदहापारा थाने की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर आरोपियों को सीतानगर, गोगांव से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार महिलाएं और उनकी पहचान:
गोलबाजार मामला:
- मालती शेण्डे पति शिवा शेण्डे (37 वर्ष) – सत्रापुर, नागपुर (महाराष्ट्र)
- प्रिया इंचुरकर पति भोला इंचुरकर (40 वर्ष) – एम जी नगर, नागपुर (महाराष्ट्र)
मौदहापारा मामला:
- शालीता उफाडे पति संतोष उफाडे (40 वर्ष) – मुण्डकोटा, नागपुर (महाराष्ट्र)
- संगीता पात्रे पति स्व. विनोद पात्रे (40 वर्ष) – नवेगांव, गोंदिया (महाराष्ट्र)
चोरी की रणनीति:
यह गिरोह खुद को आर्टिफिशियल ज्वेलरी बेचने वाली महिलाएं बताकर रायपुर शहर में घूमता था। भीड़भाड़ वाले बाजारों और ई-रिक्शा जैसे सार्वजनिक वाहनों में ऐसे यात्रियों को निशाना बनाता था, जो बैग या नगदी लेकर चल रहे होते थे।
पुलिस की अपील:
जनता से अनुरोध है कि भीड़ वाले इलाकों में अपने कीमती सामान और नकदी की सुरक्षा सुनिश्चित करें। संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना नजदीकी थाने को दें।
