
जगदलपुर न्यूज़ धमाका – छत्तीसगढ़ के जगदलपुर जिले में इंडसइंड बैंक के एक कर्मचारी द्वारा की गई बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। आरोपी कर्मचारी अमन कुमार साव (33 वर्ष) ने ट्रैक्टर लोन की किस्त जमा करने के नाम पर 31 ग्राहकों से करीब 27.43 लाख रुपये की ठगी की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
कैसे हुआ खुलासा?
शिकायतकर्ता भीमधर मौर्य ने ट्रैक्टर लोन के लिए बैंक से संपर्क किया था। 10.30 लाख के लोन की स्वीकृति के बाद उन्होंने तीन किश्तों में कुल 5.75 लाख रुपये बैंककर्मी अमन को सौंपे। हर बार नकद भुगतान के बदले में फर्जी रसीद दी गई। जब लोन की पूरी राशि चुकाने के बाद एनओसी के लिए बैंक पहुंचे तो उन्हें पता चला कि कोई भी रकम बैंक में जमा नहीं हुई थी।
पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे:
- 31 ग्राहकों के साथ इसी तरह की धोखाधड़ी हुई है।
- कुल 27,43,955 रुपये ठगे गए।
- अमन कुमार साव ने रकम को खाने-पीने और निजी शौक पूरे करने में खर्च कर दिया।
- आरोपी के पास से Samsung A13 मोबाइल भी जब्त किया गया है।
कानूनी कार्रवाई
- आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में FIR दर्ज की गई।
- पुलिस ने मामले की गहन जांच के बाद अमन को गिरफ्तार किया।
- पूछताछ में आरोपी ने गुनाह कबूल कर लिया है।
- 318(4) बीएनएस के तहत केस दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया।
ग्राहकों से अपील
पुलिस और बैंक प्रशासन ने ग्राहकों से अपील की है कि वे किसी भी नकद लेन-देन में सावधानी बरतें और सभी भुगतान बैंक के अधिकृत चैनलों के माध्यम से ही करें।
निष्कर्ष:
जगदलपुर की यह घटना एक गंभीर बैंकिंग धोखाधड़ी का मामला है जिसने यह स्पष्ट किया है कि अविश्वास और फर्जीवाड़ा केवल साइबर ठगों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि बैंक के अंदर बैठे लोग भी ग्राहक की मेहनत की कमाई को लूट सकते हैं। शासन से मांग है कि ऐसे मामलों में कठोरतम कार्रवाई की जाए ताकि आम जनता का विश्वास बैंकिंग प्रणाली में बना रहे।



