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छत्तीसगढ़ में पहली बार रिश्वत देने वालों पर भी FIR: 43 लाख देकर नौकरी खरीदने की कोशिश, तीन गिरफ्तार

CG Bribery Case: छत्तीसगढ़ में पहली बार बड़ी कार्रवाई, नौकरी लगाने के नाम पर दिया 43 लाख घूस, रिश्वत देने और लेने वालों के खिलाफ FIR

बिलासपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ पुलिस ने राज्य में पहली बार एक ऐतिहासिक और सख्त कदम उठाते हुए सरकारी नौकरी के लिए रिश्वत देने और लेने वाले दोनों पक्षों पर FIR दर्ज कर जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई बिलासपुर जिले के SSP रजनेश सिंह के निर्देश पर की गई, जिसमें कुल तीन आरोपी ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल भेजे गए हैं।


क्या है पूरा मामला?

शिकायतकर्ता सूर्यकांत जायसवाल, निवासी बरेला (वर्तमान पता: नेचर सिटी, थाना सकरी) ने अपनी दोनों पुत्रों और एक पुत्री को खाद्य निरीक्षक, हास्टल अधीक्षक और पटवारी की नौकरी दिलाने के लिए वर्ष 2022 से 2023 के बीच 43 लाख रुपये की रिश्वत विभिन्न किश्तों में अनीश राजपूत, विष्णु राजपूत और जावेद खान को दी।

जब लंबे समय तक नौकरी नहीं मिली और पैसे भी वापस नहीं किए गए, तब सूर्यकांत जायसवाल ने थाना सिविल लाइन में शिकायत दर्ज कराई।


जांच में मिली पुष्टि, तीनों आरोपी गिरफ्तार

SSP रजनेश सिंह ने तत्काल अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (SDOP), कोटा को जांच का जिम्मा सौंपा।
जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद:

  • विष्णु प्रसाद राजपूत (67), निवासी निगारबंद, थाना तखतपुर
  • सीमा सोनी (29), पत्नी जावेद खान, निवासी विनोबा नगर
  • शिकायतकर्ता सूर्यकांत जायसवाल (55) खुद भी
    को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

FIR में क्या लिखा गया?

FIR में पुलिस ने लिखा है:

शिकायतकर्ता ने अपने बच्चों को सरकारी नौकरी दिलाने के लिए कानूनन प्रक्रिया का पालन न कर, गलत तरीके से शासन और अन्य पात्र अभ्यर्थियों के साथ छल किया।

यह छत्तीसगढ़ में पहला प्रकरण है जिसमें नौकरी के लिए रिश्वत देने वाले को भी आरोपी बनाकर जेल भेजा गया है।


पहले से जेल में है एक आरोपी

इस मामले से जुड़ा एक अन्य आरोपी जावेद खान उर्फ राजा, पहले से ही धारा 420 भादवि के एक अन्य मामले में 3 अप्रैल 2025 से जेल में बंद है।


गिरफ्तार आरोपीगण:

  1. विष्णु प्रसाद राजपूत (67 वर्ष)
  2. सीमा सोनी (29 वर्ष)
  3. सूर्यकांत जायसवाल (55 वर्ष)

हाईकोर्ट की सख्त हिदायत का असर

बिलासपुर हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा हाल ही में एक नोटिफिकेशन जारी कर रिश्वत देने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश की गई थी। यह कार्रवाई उसी के अनुपालन में एक बड़ा उदाहरण बनकर सामने आई है।


यह मामला नौकरी में भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रशासनिक और न्यायिक सख्ती का प्रतीक बन चुका है। यह स्पष्ट संदेश देता है कि रिश्वतखोरी में केवल लेने वाला ही नहीं, देने वाला भी बराबर दोषी है।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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