
दुर्ग न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में बैंक ऑफ बड़ौदा के एक लॉकर से 50 लाख रुपये के गहने गायब हो जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। लॉकरधारी ने जब लॉकर खोला तो दो कीमती पोटलियां गायब थीं। मामले की शिकायत पर भिलाई नगर थाना पुलिस ने बैंक प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला इंदिरा प्लस सिविक सेंटर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा का है। भिलाई के सेक्टर-5 में रहने वाले आर्मी से रिटायर्ड दरोगा सिंह ने अपने परिवार का 40 तोला सोना तीन पोटलियों में बांधकर लॉकर नंबर 697 में सुरक्षित रखा था।
कुछ माह पूर्व लॉकर में जंग और सीपेज की शिकायत के बाद बैंक की कर्मचारी अनिता कोरेटी ने उन्हें अस्थायी लॉकर नंबर 547 प्रदान किया और पुराना लॉकर ठीक होने तक उसका उपयोग करने कहा। इस दौरान नई चाबी की एक प्रति खुद अपने पास रख ली।
17 जनवरी 2025 को अनिता ने दरोगा सिंह को सूचित किया कि सारा सामान पुराने लॉकर से निकालकर अस्थायी लॉकर में रख दिया गया है, और मरम्मत के बाद उसे फिर से पुराने लॉकर में शिफ्ट किया जाएगा।
22 अप्रैल को सामने आया गहनों के गायब होने का मामला
22 अप्रैल को दरोगा सिंह लॉकर देखने बैंक पहुंचे तो दो पोटलियां गायब थीं, जिनकी अनुमानित कीमत 50 लाख रुपये है। उन्होंने तत्काल बैंक प्रबंधन से शिकायत की, लेकिन बैंक ने पल्ला झाड़ते हुए यह कहकर इनकार कर दिया कि लॉकर के सामान की जिम्मेदारी बैंक की नहीं है।
अब FIR, जांच में जुटी पुलिस
बैंक प्रबंधन से निराश होकर दरोगा सिंह ने भिलाई नगर थाने में FIR दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में यह तथ्य सामने आया है कि लॉकर रूम के आसपास कोई CCTV कैमरा नहीं था, जिससे जांच में बाधा आ रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बैंक कर्मचारियों से पूछताछ जारी है और जल्द ही मामले में महत्वपूर्ण सुराग सामने आ सकते हैं।
प्रमुख बिंदु संक्षेप में:
- घटना स्थल: बैंक ऑफ बड़ौदा, इंदिरा प्लस, सिविक सेंटर, दुर्ग
- लॉकरधारी: दरोगा सिंह, रिटायर्ड आर्मी अधिकारी
- गायब सामान: 50 लाख रुपये के गहने (दो पोटली)
- बैंक कर्मचारी: अनिता कोरेटी (अस्थायी लॉकर उपलब्ध कराने वाली)
- FIR: भिलाई नगर थाना में दर्ज
- जांच स्थिति: CCTV न होने से जांच में बाधा, फिर भी पुलिस सक्रिय
