
सक्ती न्यूज धमाका – जिले में BMO डॉ. सूरज राठौर पर चिरायु योजना के तहत लगी गाड़ियों के मालिकों को महीनों से भुगतान नहीं करने का आरोप लगा है। वाहन मालिकों का कहना है कि अप्रैल से ही उन्हें भुगतान नहीं मिला है, जिसके चलते अब वे अपनी गाड़ियां अस्पतालों में नहीं लगा रहे हैं।
क्या है मामला
11 अप्रैल 2025 को सीएमएचओ कार्यालय से सभी बीएमओ को पत्र जारी कर प्रति माह 40,000 रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। इसके साथ ही योजना का संचालन भी बीएमओ कार्यालयों से करने का निर्देश दिया गया था।
जानकारी के अनुसार:
- जैजैपुर और मालखरौदा में जून तक का भुगतान हो चुका है।
- डभरा में गाड़ियां नहीं लगीं, इसलिए राशि शेष है।
- सक्ती में राशि मिलने के बावजूद बीएमओ ने भुगतान नहीं किया, जिसके कारण वाहन मालिक आज भी भटक रहे हैं।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
डीपीएम सक्ती कीर्ति बी ने बताया कि अप्रैल में ही सभी बीएमओ को राशि स्वीकृति और संचालन की जिम्मेदारी दी गई थी। सक्ती बीएमओ द्वारा भुगतान नहीं करने की जानकारी मिली है और जांच जारी है।
उन्होंने यह भी कहा कि एक नया पत्र जारी किया गया है, जिसमें टेंडर और हड़ताल खत्म होने तक वैकल्पिक व्यवस्था करने के आदेश दिए गए हैं ताकि योजना का संचालन प्रभावित न हो।
पहले भी विवादों में रहे BMO
गौरतलब है कि BMO डॉ. सूरज राठौर इससे पहले भी सुर्खियों में रहे हैं। सक्ती मातृ एवं शिशु अस्पताल में पिछले 5 महीनों से गर्भवती महिलाओं का ऑपरेशन नहीं हो रहा है क्योंकि पदस्थ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. कल्पना राठौर छुट्टी पर हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के प्रयासों के बावजूद BMO ने कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की।




