
रायपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने तीन दिवसीय बस्तर प्रवास के दौरान नारायणपुर, बीजापुर, बस्तर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों का गहन दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विकास योजनाओं की प्रगति, शिक्षा, सुरक्षा और पुनर्वास की हकीकत को नजदीक से परखा। सड़क मार्ग से किए गए इस दौरे में उन्होंने आमजन, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, छात्रों और सुरक्षा बलों से प्रत्यक्ष संवाद कर शासन की योजनाओं की समीक्षा की।
सुरक्षा बलों से संवाद और सम्मान
यात्रा की शुरुआत अबूझमाड़ के अति संवेदनशील ग्राम इरकभट्टी से हुई, जहाँ उपमुख्यमंत्री ने सुरक्षा बलों के जवानों से मुलाकात कर उनकी निष्ठा की सराहना की। उन्होंने कहा, “जवानों की प्रतिबद्धता से ही बस्तर में लोकतंत्र की जड़ें मजबूत हो रही हैं।”
शिक्षा को दी प्राथमिकता
- इरकभट्टी आश्रम में बच्चों के साथ भोजन किया व संवाद कर उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित किया।
- बीजापुर व सुकमा में शाला प्रवेश उत्सव में भाग लेकर बंद स्कूलों को पुनः प्रारंभ किया और विद्यार्थियों को बैग, गणवेश, प्रवेश पत्र वितरित किए।
- सुकमा में 1000+ स्कूलों का संचालन बताते हुए कहा कि शिक्षा ही लाल आतंक के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है।
विकास परियोजनाओं की समीक्षा
- भैरमगढ़ के फुंडरी गाँव में निर्माणाधीन पुल का निरीक्षण किया, काम की धीमी गति पर नाराजगी जताई।
- सुकमा ज़िले के 24 ग्रामों में ₹1.51 करोड़ की लागत से सड़क, शेड और सामुदायिक भवन निर्माण की स्वीकृति दी गई।
- अधिकारियों को निर्देश: “यह केवल निर्माण नहीं, सामाजिक विश्वास का निर्माण है।”
नक्सलियों के पुनर्वास पर जोर
- आत्मसमर्पित नक्सलियों से पुनर्वास केंद्र में संवाद कर कौशल विकास, आधार कार्ड, बैंकिंग, स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर बल दिया।
- युवाओं के लिए खेल, एक्सपोज़र विज़िट और नियमित आय योजनाएं शुरू करने की बात कही।
चरण पादुका वितरण और महिला सशक्तिकरण
- सुकमा में तेंदूपत्ता संग्राहकों को चरण पादुका वितरित कीं।
- महिलाओं को चावल की ब्रांडिंग योजना से जोड़ने की पहल की जानकारी दी।
धार्मिक आस्था और जनता से जुड़ाव
- दंतेवाड़ा में माँ दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की समृद्धि और शांति की कामना की।
- जनचौपाल में ग्रामीणों से सीधा संवाद कर कहा, “अब विकास रोकने वाली शक्तियाँ प्रभावहीन हो चुकी हैं।”
मुख्यमंत्री की मंशा का अमल
उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुसार “गाँव-गाँव तक शासन की योजनाओं को पहुँचाना” ही इस दौरे का लक्ष्य था।
निष्कर्ष:
उपमुख्यमंत्री का यह बस्तर दौरा सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि समर्पित जनसंवाद और जमीनी कार्रवाई का उदाहरण बना। इससे प्रशासनिक व्यवस्था, सुरक्षा बलों का मनोबल, और जनविश्वास—all एक नई दिशा की ओर अग्रसर हुए हैं।



