
जगदलपुर न्यूज धमाका – सर्किट हाउस में वन एवं परिवहन मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता केदार कश्यप पर मारपीट का आरोप लगने से सियासी माहौल गर्म हो गया है। सर्किट हाउस के एक कर्मचारी ने मंत्री पर आरोप लगाया कि दौरे से लौटने पर देर से दरवाजा खोलने की बात को लेकर उन्होंने उसके साथ मारपीट की।
मंत्री का बयान: “सिर्फ डांटा, मारपीट का आरोप गलत”
मंत्री केदार कश्यप ने इस आरोप को सिरे से खारिज करते हुए कहा,
“दौरे से लौटने के बाद मैंने सिर्फ कर्मचारियों को डांटा था। मारपीट का आरोप पूरी तरह से गलत है। कांग्रेस मुद्दा विहीन है, इसलिए ऐसे आरोप लगाकर राजनीति कर रही है।”
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं का अपमान किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जाएगा और सर्किट हाउस की व्यवस्थाओं में सुधार लाने की जरूरत है।
कांग्रेस का पलटवार और शिकायत दर्ज
वहीं कांग्रेस ने इस पूरे मामले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट किया कि निचले स्तर के कर्मचारियों के साथ मारपीट बेहद गंभीर मामला है। कांग्रेस नेताओं ने पीड़ित कर्मचारी के साथ जगदलपुर कोतवाली पहुंचकर लिखित शिकायत भी दर्ज कराई।
भाजपा कार्यकर्ताओं का पक्ष
घटना के समय मौजूद भाजपा कार्यकर्ता कीर्ति पाढ़ी ने कहा कि आरोप पूरी तरह झूठे हैं। उनका कहना है कि मंत्री कश्यप केवल व्यवस्थाओं को लेकर नाराज थे और उन्होंने किसी के साथ मारपीट नहीं की।
कीर्ति पाढ़ी ने बताया,
“मंत्री जी ने सिर्फ यह सवाल किया था कि सर्किट हाउस की व्यवस्था सही तरीके से क्यों नहीं देखी जा रही। उनका इरादा कर्मचारियों को हटाने और व्यवस्था सुधारने का था, मारपीट का नहीं।”
सियासी घमासान तेज
इस विवाद ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश में है, वहीं भाजपा इसे बेबुनियाद आरोप करार दे रही है।
