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कोटा: जंगल की अवैध कटाई का मामला, एक आरोपी गिरफ्तार – पटवारी की भूमिका पर भी उठे सवाल

one accused arrested

कोटा न्यूज धमाका – क्षेत्र के केन्दा गांव के पास नेशनल हाईवे किनारे जंगल की अवैध कटाई मामले में वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी धरम सिंह मानिकपुरी को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में केंद्रीय जेल बिलासपुर भेज दिया गया है। मामले की जांच अभी जारी है, और इसमें अन्य लोगों की संलिप्तता की भी आशंका जताई जा रही है।


राष्ट्रीयकृत व फलदार पेड़ों की अवैध कटाई

4 जुलाई को नेशनल हाईवे के किनारे स्थित जंगल क्षेत्र में की गई अवैध कटाई में कई राष्ट्रीयकृत प्रजाति व फलदार पेड़ों को नुकसान पहुंचाया गया। घटनास्थल से बैटरी चालित पावर कट (आरी) भी बरामद की गई है, जिसे आरोपी पेड़ काटने में इस्तेमाल कर रहा था।


वन विभाग की त्वरित कार्रवाई

एसडीओ फॉरेस्ट निश्चल शुक्ला ने जानकारी दी कि आरोपी धरम सिंह मानिकपुरी ने जंगल की कटाई यह सोचकर की थी कि भविष्य में इस लकड़ी को बेचकर आर्थिक लाभ कमाया जा सके। आरोपी को बेलगहना तहसील कार्यालय से हिरासत में लिया गया, जहां पूछताछ के दौरान उसने अपराध स्वीकार कर लिया।

“वन विभाग के कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश थे कि आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी की जाए। कानून के तहत कठोर कार्रवाई होगी,” – एसडीओ शुक्ला


आरोपी को भेजा गया न्यायिक हिरासत में

आरोपी के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे 14 दिन की न्यायिक रिमांड में जेल भेजा गया है। वन विभाग के अनुसार, इस मामले की सूक्ष्म जांच अभी भी जारी है और अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।


पटवारी की भूमिका भी संदेह के घेरे में

घटना के सामने आने के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने केन्दा क्षेत्र के पटवारी की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि इस प्रकार की अवैध गतिविधियों की जानकारी होने के बावजूद स्थानीय राजस्व अमला निष्क्रिय रहा। ग्रामीणों ने पटवारी के खिलाफ स्वतंत्र जांच की मांग की है।


मुख्य बिंदु संक्षेप में:

  • आरोपी धरम सिंह मानिकपुरी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
  • राष्ट्रीयकृत पेड़ों की अवैध कटाई में बैटरी चालित आरी जब्त।
  • वन विभाग ने कहा – “जांच अभी जारी, अन्य नाम भी आ सकते हैं सामने।”
  • ग्रामीणों ने पटवारी की भूमिका पर सवाल उठाए, जांच की मांग की।

विशेष टिप्पणी:

यह घटना न केवल वन संपदा के संरक्षण में सरकारी लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि स्थानीय प्रशासन और राजस्व विभाग की भूमिका कितनी अहम है। यदि समय रहते निगरानी और रिपोर्टिंग होती, तो शायद वनों की यह क्षति रोकी जा सकती थी।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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