
रायपुर न्यूज धमाका – शुक्रवार को आयोजित साय सरकार की कैबिनेट बैठक में युवाओं, महिलाओं, ट्रांसजेंडर, व्यापारी वर्ग और राजधानी क्षेत्र के विकास से संबंधित 12 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने फैसलों की जानकारी दी।
🔹 कैबिनेट के प्रमुख फैसले:
1️⃣ वंचित वर्गों के लिए संयुक्त उद्यम कंपनी का गठन
छत्तीसगढ़ सरकार और PanIIT फाउंडेशन के बीच एक गैर-लाभकारी संयुक्त उद्यम कंपनी बनाई जाएगी।
- उद्देश्य: अनुसूचित जनजाति, पिछड़े वर्ग, महिलाओं और ट्रांसजेंडर लोगों को कौशल विकास और ग्रामीण उद्यमिता के ज़रिए सशक्त बनाना।
- प्रशिक्षण, रोजगार और विदेशी भाषाओं की शिक्षा भी शामिल।
2️⃣ राज्य पुलिस अधिकारियों को वरिष्ठ वेतनमान
- 2005–2009 बैच के योग्य अधिकारियों को वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान देने हेतु 30 नए पद सृजित।
3️⃣ पुराने वाहनों के नंबर अब नए वाहनों पर भी मान्य
- वाहन मालिक अब अपने पुराने फैंसी नंबर नए या अन्य राज्यों से लाए वाहनों में उपयोग कर सकेंगे (फीस के साथ)।
- शासकीय वाहनों के लिए यह सुविधा निशुल्क होगी।
4️⃣ पुराने वाहनों के लिए टैक्स कानून में संशोधन
- मोटरयान कराधान अधिनियम 1991 में बदलाव को मंजूरी, ताकि सड़क दुर्घटनाओं व प्रदूषण पर रोक लगे।
5️⃣ छात्र स्टार्टअप और नवाचार नीति लागू
- 50 हजार छात्रों तक पहुंच,
- 500 प्रोटोटाइप का समर्थन,
- 150 स्टार्टअप्स को इन्क्यूबेशन में सहायता।
- आईपीआर फाइलिंग, नवाचार केंद्रों की स्थापना, विशेषकर आदिवासी क्षेत्रों में।
6️⃣ निजी विश्वविद्यालय कानून में संशोधन
- छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2025 को स्वीकृति।
7️⃣ कृषि मंडी अधिनियम में संशोधन
- छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी (संशोधन) विधेयक, 2025 को मंजूरी।
8️⃣ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण का गठन
- रायपुर, दुर्ग-भिलाई और नया रायपुर को मिलाकर राजधानी क्षेत्र का विकास
- 2031 तक अनुमानित जनसंख्या 50 लाख, विकास हेतु संगठित योजना व निवेश की पहल।
9️⃣ GST कानून में बदलाव
- छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2025 को मंजूरी।
- केंद्र सरकार के वित्त अधिनियम 2025 के अनुसार नियमों में बदलाव।
🔟 पुराने टैक्स मामलों के निपटान हेतु योजना
- बकाया कर, ब्याज एवं शास्ति के निपटान (संशोधन) विधेयक पास।
- व्यापारियों को राहत और न्यायालयों पर भार कम करने की दिशा में कदम।
1️⃣1️⃣ भू-राजस्व संहिता में संशोधन
- नक्शा बंटवारा, नामांतरण की प्रक्रिया आसान,
- जियो-रेफरेंसिंग से अवैध प्लाटिंग और कानूनी विवादों पर रोक।
- औद्योगिक नीति, आवास योजनाएं होंगी सरल।
1️⃣2️⃣ पत्रकारिता विश्वविद्यालय कानून में संशोधन
- कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय अधिनियम, 2004 में संशोधन प्रस्ताव पारित।
निष्कर्ष:
साय सरकार की यह कैबिनेट मीटिंग युवाओं के भविष्य, आर्थिक पारदर्शिता, शहरी नियोजन और सामाजिक समावेशन की दिशा में व्यापक सुधारों का संकेत देती है। विशेष रूप से स्टार्टअप नीति, संयुक्त उद्यमों और राजधानी क्षेत्र के सुनियोजित विकास को लेकर लिए गए फैसले दूरगामी माने जा रहे हैं।



