
बिलासपुर न्यूज़ धमाका – छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 50 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति फ्रीज करने हेतु अदालत को प्रतिवेदन सौंपा है। यह धारा 107 बीएनएसएस के अंतर्गत प्रदेश की पहली कार्रवाई मानी जा रही है।

संगठित अवैध कारोबार का हुआ भंडाफोड़
कोनी थाना क्षेत्र के संतोष वर्मा, उनकी पत्नी देवीबाई वर्मा और पुत्र राहुल वर्मा पर महुआ शराब बनाने और बेचने के संगठित अवैध कारोबार का आरोप है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इन पर पूर्व में भी कई बार कार्रवाई हो चुकी है, परंतु अवैध गतिविधियाँ जारी रहीं।

50 लाख की संपत्ति को फ्रीज करने की सिफारिश
जांच में पाया गया कि उक्त परिवार ने अवैध शराब से अर्जित धन से एक प्लॉट, दो मंजिला मकान, ट्रैक्टर, स्विफ्ट कार और दो मोटरसाइकिलें खरीदी हैं। इन संपत्तियों की कुल अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई गई है, और इनके पास इन संपत्तियों का कोई वैध आय स्रोत नहीं है।
कोर्ट में पेश किया गया प्रतिवेदन
यह कार्रवाई एसएसपी रजनीश सिंह के निर्देश पर और एएसपी राजेंद्र जायसवाल व सीएसपी अक्षय प्रमोद साबद्रा के मार्गदर्शन में कोनी थाना प्रभारी राहुल तिवारी की अगुवाई में की गई। पुलिस ने सभी संपत्तियों की जब्ती के लिए अदालत में विस्तृत प्रतिवेदन दाखिल कर दिया है।
कड़ा संदेश अपराधियों को
पुलिस विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ एक मिसाल है और इससे समाज में कानून का डर और भरोसा दोनों मजबूत होंगे। पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में भी संगठित अपराध करने वालों पर इसी तरह की कड़ी कार्रवाई की जाएगी।



