विदेशकुछ हटके

यहां लड़ाई के बाद सेक्स की है अजीब रस्म ,पति की लाश के साथ पड़ता है सोना

पश्चिमी केन्या की लुओ जनजाति के. जन्म, मुत्यु, शादी लेकर से लेकर सेक्स तक की इनकी परंपराएं बेहद अजीब हैं अलग-अलग जगहों पर जनजातियों के रीति रिवाज भी अलग होते हैं लेकिन इनमें से कुछ रिवाज ऐसे होते हैं जिन पर यकीन करना आसान नहीं होता है

लड़ाई के बाद सेक्स

लुओ जनजाति में पति-पत्नी के बीच झगड़ा होता है तो महिलाएं अपने पति को छड़ी से नहीं मार सकतीं अगर ऐसा हुआ तो इसके बाद एक खास अनुष्ठान कराया जाता है. ये अनुष्ठान घर-समाज के बड़े बुजुर्ग कराते हैं. अनुष्ठान के दौरान पति-पत्नी को एक हर्बल ड्रिंक पिलाया जाता है. इस ड्रिंक को ‘मान्यसी’ कहा जाता है. इसके बाद दोनों को सेक्स करने के लिए कहा जाता है. इसके पीछे मान्यता है कि ऐसा करने के बाद पति-पत्नी के बीच जो तनाव हुआ था वो खत्म हो जाएगा.

पति की मौत के बाद महिला का ‘शुद्धिकरण’

इस जनजाति की अजबी प्रथाओं में से एक है पति की मौत के बाद महिला का शुद्धिकरण करना. इस प्रथा के मुताबिक महिला को पति की मौत के बाक एक रात उसके शव के साथ सोना पड़ता है. इस दौरान महिला को कल्पना करनी होती है कि वह अपने पति को प्यार कर रही है. माना जाता है कि इसके बाद उसके मृतक पति की आत्मा को मुक्ति मिल जाती है और इसके बाद माना जाता है कि महिला का शुद्धिकरण हो चुका है और वह दोबारा शादी कर सकती है.  

एक से ज्यादा शादियों की इजाजत

जहां आज के दौर में एक से अधिक शादी को ज्यादातर सभ्य देशों में कानून अपराध माना जाता है वहीं लुओ जनजाति आज भी इससे अनजान है. यही वजह है कि लुओ जनजाति में एक से अधिक शादी का चलन आज भी है. हैरानी की बात यह है कि पहली पत्नी भी इसे आसानी से स्वीकर कर लेती है

सुहागरात से पहले की रिवाज – लुओ जनजाति की एक और रिवाज के अनुसार शादी के बाद नए दूल्हा-दुल्हन तब तक संबंध नहीं बना सकते जब तक कि उनकी सुहाग की सेज पर मां-बाप न सोएं. यानी सुहागरात तभी मनेगी जब पहले उस बिस्तर पर लड़के के मां-बाप सोएंगे 

फसल कटाई से पहले सेक्स जरूरी – इस जनजाति की अजीब परंपराओं में फसल कटाई से पहले सेक्स करने की परंपरा भी है. लुओ जनजाति में फसल कटाई से एक रात पहले लुओ पुरुष को अपनी सबसे पहली पत्नी के साथ संबंध बनाना जरूरी होता है

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!