09 जुलाई 2026 //

प्रधानमंत्री आवास प्लस 2.0 योजना के तहत तैयार की गई सूची में कई अपात्र लोगों के नाम भी शामिल हो गए हैं।
रायपुर न्यूज़ धमाका – प्रधानमंत्री आवास प्लस 2.0 योजना के तहत तैयार की गई सूची में कई अपात्र लोगों के नाम भी शामिल हो गए हैं। आवास मितान द्वारा किए गए सर्वेक्षण एवं ग्राम सभाएं आयोजित होने के बाद भी ऐसे कई हितग्राहियों के नाम सूची में शामिल हो गए हैं, जिनके परिवार के सदस्यों के नाम पर ऑलीशान मकान से लेकर कई एकड़ जमीन है।
पात्र हितग्राहियों के नाम शामिल नहीं करने तथा अपात्रों को शामिल करने की शिकायतें लगभग चारों ब्लॉक क्षेत्र से दावा-आपत्ति के माध्यम से सामने भी आ रही हैं। इन शिकायतों की जांच कर अपात्र लोगों के नाम भी हटाए जाने की बात भी कही जा रही है, लेकिन सवाल यह है कि आखिर सूची में अपात्र लोगों के नाम जुड़ कैसे गए। इससे स्पष्ट है कि सूची बनाने में कहीं न कहीं बड़ी लापरवाही या गड़बड़ी हुई है।
दावा-आपत्ति की तारीख खत्म
जनपद पंचायतों में दावा-आपत्तियां 24 से 6 जून तक मंगाई गई है। इस तरह सोमवार को इसका अंतिम दिन था। इसके बाद अब दावा-आपत्ति नहीं ली जाएगी। हालांकि इन दावा-आपत्तियों में ऐसी कई शिकायतें जनपद पंचायतों तक पहुंची है, जिनमें पात्र हितग्राहियों के नाम शामिल नहीं करने तथा अपात्रों के नाम शामिल कर दिए हैं। सूत्रों से जानकारी मिली है कि आरंग ब्लॉक की बात करें तो इस क्षेत्र के ग्राम भानसोज एवं रसनी में ऐसे अपात्र लोगों के नाम सूची में हैं, जिनके खुद के परिवार के सदस्यों के नाम पर आलीशान मकान से लेकर कई एकड़ जमीनें ऑनलाइन से लेकर कई एकड़ जमीनें ऑनलाइन रिकार्ड में दर्ज है।
सामान्य सभा में हंगामा होने के आसार
जिला पंचायत रायपुर की सामान्य सभा की बैठक 10 तारीख को बुलाई गई है। इस बैठक में पीएम आवास प्लस 2.0 योजना की लिस्ट को लेकर हंगामा होने के आसार है। जिला पंचायत के कई सदस्य इस लिस्ट को लेकर नाराजगी व्यक्त कर चुके हैं, क्योंकि सूची में पात्र लोगों के नाम शामिल नहीं हैं।
केस- 1
ग्राम भानसोज की एक महिला का नाम सूची में शामिल है। बताया गया कि वह जिस परिवार में रहती है, उसके सदस्यों के नाम पर मकान एवं कई एकड़ जमीन है। यहां इसी तरह का एक और मामला भी सामने आया है।
केस- 2
ग्राम रसनी में आवास मित्र की जिम्मेदारी जिसे दी गई है, उसके परिवार के सदस्यों के नाम पर ही आलीशान मकान एवं कई एकड़ जमीन दर्ज है। इसके बाद भी उसने अपनी पत्नी के नाम को आवास प्लस 2.0 योजना का लाभ पाने के लिए सूची में शामिल करा लिया था। हालांकि इसकी शिकायत होने पर सूची से उनका नाम हटा दिया है।
जियो टैगिंग के साथ सेल्फ सर्वेक्षण कर बनाई गई सूची
आवास प्लस 2.0 का लाभ दिलाने के लिए हितग्राहियों का गांव-गांव में आवास मित्रों के माध्यम से जियो टैगिंग के माध्यम से सर्वेक्षण किया गया है। कई गांव में ग्राम पंचायत ने स्वयं से भी सर्वेक्षण कर हितग्राहियों की सूची तैयार की है। सूची तैयार करने के बाद ग्राम पंचायतों में 24 जून को विशेष ग्रामसभा आयोजित कर सूची का भौतिक सत्यापन भी कराया गया है। बताया गया कि प्रत्येक ग्राम सभा में सूची को सार्वजनिक करते हुए उसमें शामिल प्रत्येक हितग्राही के नाम की जानकारी देते हुए ग्रामवासियों से दावा-आपत्तियां मंगाई गई है।
कई लोगों के नाम शामिल हैं
आरंग क्षेत्र में ग्राम भानसोज, रसनी सहित कई गांव में अपात्र लोगों के नाम सूची में शामिल हैं, जबकि कई पात्रों के नाम नहीं हैं। इससे स्पष्ट है कि जियो टैग सर्वेक्षण में कहीं न कहीं लापरवाही या गड़बड़ी हुई है।
वतन चंद्राकर, सदस्य, जिला पंचायत रायपुर जांच कर नाम हटाए जा रहे
रायपुर जिला पंचायत के सीईओ कुमार बिश्वरंजन ने बताया कि, दावा-आपत्तियों के माध्यम से जिस-जिस ग्राम से अपात्र लोगों के नाम सूची में शामिल करने की शिकायत आ रही है, उनकी जांच कर नाम हटाए जा रहे हैं। पात्र हितग्राहियों को ही इस योजना का लाभ मिलना है।
जांच होनी चाहिए
रायपुर जिला पंचायत के उपाध्यक्ष संदीप यदु ने बताया कि, जियो टैगिंग सर्वेक्षण में कई पात्रों के नाम छूट गए हैं, वहीं अपात्रों के नाम सूची में शामिल हो गए हैं। इसकी जांच होनी चाहिए, ताकि वास्तविक पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ मिल सके।



