
07 जुलाई 2026 //
सरगुजा न्यूज़ धमाका – सरगुजा जिले के बतौली में हुई तेज बारिश ने स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय की व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर दिया, राष्ट्रीय राजमार्ग-43 से बहता पानी विद्यालय परिसर और कक्षाओं में घुस गया।

सरगुजा जिले के बतौली में सोमवार 6 जुलाई को हुई तेज बारिश ने स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय की व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। लगातार हुई बारिश के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग-43 से बहता पानी विद्यालय परिसर और कक्षाओं में घुस गया, जिससे स्कूल के करीब 10 कमरे जलमग्न हो गए। अचानक पानी भरने से छात्र-छात्राओं और शिक्षकों में अफरा-तफरी मच गई। स्थिति को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और बाद में छुट्टी दे दी। घटना के बाद मंगलवार 7 जुलाई को भी स्कूल में विद्यार्थियों की उपस्थिति सामान्य से काफी कम रही।
10 कक्षाएं प्रभावित, नियमित पढ़ाई पर संकट
विद्यालय परिसर में पानी भरने से कई कक्षाओं का संचालन प्रभावित हो गया है। जिन कमरों में पानी घुसा, वहां कक्षा 6वीं से 10वीं तक की पढ़ाई होती है। करीब 250 विद्यार्थियों की कक्षाएं प्रभावित होने से वैकल्पिक व्यवस्था करना भी चुनौती बन गया है। स्कूल में लगभग 600 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, इसलिए सभी को एक साथ दूसरी जगह बैठाना संभव नहीं है। अभिभावकों में भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

जल निकासी की बदहाल व्यवस्था पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-43 के किनारे बनी नालियों की समय पर सफाई नहीं होने और जल निकासी व्यवस्था कमजोर होने के कारण बारिश का पूरा पानी विद्यालय परिसर में भर गया। इसी परिसर के आसपास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, तहसील कार्यालय और अन्य शासकीय संस्थान भी संचालित होते हैं, जिनका पानी भी स्कूल की ओर पहुंचता है। लोगों ने संबंधित विभाग की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए स्थायी समाधान की मांग की है।
प्रबंधन ने जेसीबी से कराया पानी निकासी का काम
विद्यालय की प्रभारी प्राचार्या प्रसन्ना केरकेट्टा ने बताया कि बारिश के कारण पूरे परिसर में पानी भर गया था। बच्चों को तत्काल सुरक्षित कक्षाओं में स्थानांतरित किया गया। बाद में जेसीबी की मदद से पानी निकासी के लिए रास्ता बनाया गया, जिससे फिलहाल स्थिति सामान्य हो गई है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।