
14 जून 2026 //
नई दिल्ली न्यूज़ धमाका – राजधानी दिल्ली में यमुना नदी की सफाई को लेकर रविवार को बड़ा अभियान चलाया गया। मुख्यमंत्री खुद सलवार-सूट, जूती और हाथों में फावड़ा लेकर सफाई अभियान में शामिल हुईं। उनके नेतृत्व में यमुना के 28 घाटों पर एक साथ मेगा क्लीनिंग ड्राइव चलाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और स्वयंसेवक शामिल हुए।
दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने बारिश से पहले यमुना नदी की सफाई के लिए महाअभियान चलाया है। यमुना सफाई महाअभियान का नाम ‘यमुना सफाई यज्ञ – स्वच्छ यमुना मेरा कर्तव्य’ रखा गया है। इस अभियान ने तहत आज यानी 14 जून को रेखा गुप्ता कैबिनेट से सभी मंत्री, दिल्ली के सभी सांसद और 500 से अधिक एनजीओ भाग लेकर अभियान तट की सफाई की।दिल्ली सरकार ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में यमुना के 19 घाटों पर व्यापक सफाई अभियान शुरू किया। खुद सीएम रेखा गप्ता साड़ी की जगह सलवार-सूट, सैंडल की जगह जूति पहनकर और हाथों में फावड़ा थामकर यमुना तट की सफाई की।
यमुना किनारे सफाई का विशेष अभियान
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सुबह यमुना घाट पहुंचकर सफाई कार्य का निरीक्षण किया और स्वयं भी सफाई में हिस्सा लिया। इस दौरान घाटों पर जमा कचरा, प्लास्टिक और गाद को हटाने का कार्य किया गया। प्रशासन की ओर से सफाई के लिए विशेष मशीनों और कर्मचारियों की तैनाती की गई थी।

28 घाटों पर एक साथ चला अभियान
अधिकारियों के अनुसार, यमुना के 28 प्रमुख घाटों को चिन्हित कर एक साथ सफाई अभियान शुरू किया गया। अभियान का उद्देश्य नदी के तटों को स्वच्छ बनाना और लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। विभिन्न विभागों की टीमों ने मिलकर घाटों की सफाई की और कचरे के उचित निस्तारण की व्यवस्था की।
मुख्यमंत्री ने दिया स्वच्छ यमुना का संदेश
सफाई अभियान के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यमुना केवल एक नदी नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और जीवन से जुड़ी धरोहर है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे नदी में कचरा न फेंकें और स्वच्छता बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
पर्यावरण संरक्षण पर जोर
सरकार का कहना है कि यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सफाई अभियान के साथ-साथ नदी में गिरने वाले प्रदूषित जल को रोकने और सीवेज प्रबंधन को बेहतर बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।



