छतीसगढ़दुर्ग

PWD अधिकारी के बेटे ने की आत्महत्या, चुन्नी से लगाई फांसी – कारण बना रहस्य

दुर्ग न्यूज धमाका – जिले के भिलाई शहर से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारी के बेटे ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना भिलाई के कातुलबोर्ड इलाके की है। छात्र ने अपने घर के कमरे में चुन्नी से फांसी लगाकर जान दे दी। यह आत्महत्या क्यों की गई – इसका कारण अभी तक सामने नहीं आया है, जिससे मामला और भी रहस्यमय हो गया है।

मृतक छात्र की पहचान
मृतक युवक की पहचान इंद्रप्रीत सिंह सैनी (26 वर्ष) के रूप में हुई है, जो एग्रीकल्चर का छात्र था और भिलाई में रहकर पढ़ाई कर रहा था। उसके पिता, जनरल सिंह सैनी, जगदलपुर में PWD विभाग में एसडीओ पद पर कार्यरत हैं, जबकि मां एक सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं। इंद्रप्रीत के दो छोटे भाई भी हैं।

घटना 23 जुलाई की है, जब इंद्रप्रीत साईं नगर स्थित अपने किराए के घर में अकेला था। माता-पिता और छोटा भाई किसी काम से बाहर गए हुए थे। उसी दौरान उसने चुन्नी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जब परिजन वापस लौटे तो कमरे का दरवाजा बंद पाया और जब अंदर झांका गया तो इंद्रप्रीत को फंदे से लटका हुआ देखा गया।

मौके पर पहुंची पुलिस
परिजनों द्वारा सूचना दिए जाने पर सुपेला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से नीचे उतारकर लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल के शवगृह में भेजा गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

कोई सुसाइड नोट नहीं मिला
घटना स्थल से कोई भी सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। परिजनों के मुताबिक, इंद्रप्रीत शांत और समझदार स्वभाव का था, और वह किसी मानसिक तनाव या परेशानी में नहीं था।

फिलहाल पुलिस मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है ताकि आत्महत्या के पीछे की असल वजह का पता लगाया जा सके।


पुलिस ने क्या कहा?

“हम मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डिजिटल सबूतों के आधार पर ही आगे की दिशा तय की जाएगी। आत्महत्या के कारणों को जल्द उजागर किया जाएगा।”
— सुपेला थाना प्रभारी

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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