
रायपुर न्यूज धमाका – भारत में आपातकाल लागू हुए आज 50 वर्ष पूरे हो गए हैं। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे “संविधान हत्या दिवस” करार देते हुए देशवासियों को सचेत रहने की अपील की। उन्होंने आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि उनकी सरकार ने “लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक 2025” पारित किया है, जिससे लोकतंत्र के रक्षकों को सम्मान और सहायता मिलेगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा:
“1975 में आज ही के दिन देश पर आपातकाल थोपा गया था, जिसने नागरिक अधिकारों को कुचल दिया था। यह दिन हमें लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए निरंतर सजग रहने की प्रेरणा देता है।”
वाराणसी से लौटे सीएम, एयरपोर्ट पर पत्रकारों से चर्चा
सीएम विष्णुदेव साय उत्तर प्रदेश के वाराणसी में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 25वीं बैठक में हिस्सा लेने के बाद रायपुर लौटे। एयरपोर्ट पर पत्रकारों से चर्चा में उन्होंने बताया कि बाबा विश्वनाथ की नगरी में बैठक में शामिल होकर प्रदेश के विकास से जुड़ी कई अहम बातें रखी गईं।
उन्होंने कहा कि:
- नक्सलवाद छत्तीसगढ़ के विकास में सबसे बड़ी बाधा रही है, जो अब समाप्ति की ओर है।
- बोधघाट परियोजना जैसी योजनाओं की जानकारी बैठक में साझा की गई।
- अगली बैठक बस्तर में आयोजित होगी, जो सकारात्मक माहौल का संकेत है।
दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात
मुख्यमंत्री ने हाल ही में दिल्ली में केंद्रीय खाद्य, उपभोक्ता मामले एवं नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी से भी मुलाकात की। बैठक में छत्तीसगढ़ में खाद्य सुरक्षा, उपभोक्ता संरक्षण, तथा ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।
मुख्य बिंदु:
- 25 जून 1975: आपातकाल की 50वीं बरसी
- “संविधान हत्या दिवस” के रूप में मनाया
- लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक 2025 पारित
- बस्तर में होगी मध्य क्षेत्रीय परिषद की अगली बैठक
- दिल्ली में ऊर्जा व उपभोक्ता मामलों पर चर्चा



