
नई दिल्ली न्यूज़ धमाका /// आज के युवा 25 साल की उम्र में खुद का करियर संवारने में लगे हुए हैं । अधिकतर ने अपनी मंजिल तय कर ली और इस मंजिल के रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं लेकिन वहीं एक ऐसा युवा भी है जो 24 साल की उम्र में पैदल ही देश भर की सड़कें और गलियां नाप रहा है । एक शौक ने इस युवा से वो करवा दिया जिसके बारे में कल्पना कर पाना भी मुश्किल है । जुनून से लबरेज ये कहानी है नोएडा के रहने वाले 24 साल के यति गौड़ की , जिन्होंने पिछले एक साल में पैदल ही 2700 किलोमीटर से ज्यादा का सफर तय किया है । एक सितंबर से यति सिक्किम , मेघालय , अरुणाचल प्रदेश , असम और पश्चिम बंगाल की यात्रा पर निकले हैं । उनका लक्ष्य है कि अगले तीन महीने में वह 1800 किलोमीटर से ज्यादा का पैदल सफर तय कर सकें । सिक्किम , मेघालय , अरुणाचल प्रवेश , असम और पश्चिम बंगाल की यात्रा पर निकले हैं जहां दिन ढल जाए या जहाँ का नजारा पसंद आ जाए वह वहीं गुजार लेते रात यति इससे पहले पिछले एक साल में हिमाचल प्रदेश , राजस्थान और उत्तराखंड की पैदल सैर कर चुके हैं । कोरोना काल में जब लोग अपने घरों में बंद थे तब यति के अंदर ये नया शौक जागा कहते हैं देखा देखी से ही लोगों के अंदर कुछ अलग करने का शौक जागता है ।

यति के साथ भी ऐसा ही हुआ पढ़ाई पूरी करने के बाद यति ने ढाई साल तक एक बैकपैक हॉस्टल में जॉब की । इस दौरान इनकी मुलाकात • दुनिया भर से आए ट्रेवलर्स से हुई जिन्हें देखने के बाद इनके मन में भी घूमने की इच्छा जागी । उन पर्यटकों से ही यति ने ये जाना कि घूमने से खुशी भी मिलती है और मजा भी आता है । इसके बाद यति को ये तय करना था कि वह घूमने के लिए कौन सा साधन चुनेंगे । इस आधुनिक दौर में लोग पैदल चलना लगभग भूल गए है । अब लोग पैदल चलने को भी वर्कआउट में गिनते हैं जबकि कभी पैदल चलना हमारी जदिगी का हिस्सा था । ऐसे में यति की सोच अलग थी , उनके लिए हमेशा से पैदल चलना थेरेपी जैसा रहा है । यही वजह है कि उन्होंने पैदल यात्रा करने की सोची । महीने के 15000 रुपये खर्च करते हैं यति के पास स्लीपिंग बैग , कुछ जोड़े कपड़े , मरहम और लेग सपोर्टर के साथ लगभग 20 किलो समान लेकर चलते हैं । जहां दिन ढल जाए या जहां का नजारा पसंद आ जाए वह वहीं रात गुजार लेते हैं । वह बताते है कि उन्हें अवसर मंदिरों और धर्मशालाओं में शरण मिल जाती है । इस यात्रा में उनके महीने के 15 हजार रुपये खर्च होते हैं । यति भविष्य में पूर्वी एशिया के साथ साथ चारों धामों की पैदल यात्रा की योजना बना रहे हैं ।

