
दुर्ग न्यूज़ धमाका – छत्तीसगढ़ के दुर्ग रेलवे स्टेशन पर दो ननों की गिरफ्तारी के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। जहाँ पहले जबरन धर्मांतरण और मानव तस्करी जैसे गंभीर आरोप लगे थे, वहीं अब पीड़ित बताई जा रही युवती ने बड़ा खुलासा करते हुए बजरंग दल पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
क्या कहा युवती ने?
युवती के अनुसार:
- वह अपनी मर्जी से ननों के साथ आगरा जा रही थी, जहाँ उसे नौकरी मिलने वाली थी।
- उसे ₹10,000 वेतन, रहने के लिए जगह, खाना और कपड़े देने का वादा किया गया था।
- उसने यह भी दावा किया कि बजरंग दल से जुड़ी महिला ने उसे दो बार थप्पड़ मारा और धमकी दी कि अगर उसने जबरन धर्मांतरण की बात नहीं मानी, तो उसके भाई को जेल भिजवा दिया जाएगा।
बजरंग दल का पक्ष
- बजरंग दल के कार्यकर्ता ऋषि मिश्रा ने बताया कि एक रिक्शा चालक ने महिलाओं और ननों की बातचीत सुनकर उन्हें संदेह हुआ।
- सूचना मिलते ही संगठन के लोग स्टेशन पहुंचे और पुलिस को सूचित किया।
- पुलिस ने ननों को हिरासत में लिया, लेकिन युवती का आरोप है कि उसका बयान लिए बिना ही कार्रवाई की गई।
कानूनी स्थिति
- इस मामले में मानव तस्करी और जबरन धर्म परिवर्तन जैसे गंभीर आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया है।
- सेशन कोर्ट ने दोनों ननों की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
- जांच अभी जारी है, लेकिन युवती का बयान इस केस को एक अलग दिशा में ले जा सकता है।
प्रश्न जो उठ रहे हैं:
- क्या यह धार्मिक स्वतंत्रता के हनन का मामला है?
- क्या बजरंग दल के दबाव में युवती से जबरन बयान दिलवाया गया?
- क्या पुलिस ने एक पक्षीय कार्रवाई की, बिना निष्पक्ष जांच के?
निष्कर्ष
यह मामला केवल धर्मांतरण या मानव तस्करी का नहीं है — यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता, मानवाधिकार, और कानून की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े करता है।
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, आने वाले दिनों में और भी खुलासे हो सकते हैं।



