
कोण्डागांव न्यूज धमाका – अंधविश्वास ने एक बार फिर निर्दोष की जान ले ली। जिले के ग्राम मड़ानार में 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला की गांव के ही युवक ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। युवक को शक था कि महिला ने उस पर “देव-भूत” या टोटका किया है। वारदात के कुछ ही घंटों में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
घटना का विवरण
- मृतका की बहू ने थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई।
- आरोपी लंबे समय से महिला के परिवार पर “देव-भूत” का आरोप लगाता था।
- युवक का कहना था कि उसके पैर में वर्षों से न भरने वाला घाव महिला द्वारा किए गए टोटके की वजह से है।
- 24 अगस्त को मौके का फायदा उठाकर आरोपी ने पहले हाथ-मुक्के और लातों से हमला किया, फिर महिला की साड़ी से गला घोंट दिया।
पुलिस की तत्परता
- पुलिस अधीक्षक वाय. अक्षय कुमार के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कौशलेन्द्र देव पटेल और एसडीओपी रूपेश कुमार की निगरानी में कोतवाली टीम तुरंत मौके पर पहुँची।
- आरोपी को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया गया।
- पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार कर लिया।
अंधविश्वास पर सवाल
राज्य सरकार और जिला प्रशासन लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चला रहे हैं ताकि बीमारियों या घटनाओं को “देव-भूत” या “टोटका” से न जोड़ा जाए।
- स्वास्थ्य विभाग और समाज कल्याण विभाग द्वारा शिविर और प्रचार-प्रसार के माध्यम से लोगों को शिक्षित किया जाता है।
- इसके बावजूद यह घटना बताती है कि ग्रामीण समाज में अंधविश्वास की जड़ें गहरी हैं।
पुलिस की अपील
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि—
- किसी भी बीमारी या समस्या का इलाज चिकित्सक से कराएं।
- अफवाहों और अंधविश्वासों पर ध्यान न दें।
- किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
निष्कर्ष:
कोण्डागांव की यह वारदात केवल एक हत्या नहीं, बल्कि समाज के लिए चेतावनी है कि जब तक शिक्षा और जागरूकता गांव-गांव तक नहीं पहुँचेगी, निर्दोष लोग अंधविश्वास की भेंट चढ़ते रहेंगे।



