
सक्ती न्यूज धमाका – जिले के बाराद्वार में गुरुवार को किसान विज्ञान सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें सक्ती, जांजगीर-चाम्पा, रायगढ़ और कोरबा जिलों के किसान शामिल हुए। इस एक दिवसीय कार्यशाला में कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने किसानों को आधुनिक खेती, वैज्ञानिक तकनीकों और आय बढ़ाने के उपायों की जानकारी दी।
सम्मेलन में किसानों को मिली उपयोगी जानकारी
वैज्ञानिकों ने विस्तार से बताया:
- खेती में उन्नत बीजों और जैविक खाद का प्रयोग
- दवा और उर्वरक की सही मात्रा और समय
- मछली पालन और मशरूम उत्पादन के वैज्ञानिक तरीके
- फसल चक्र और बहु-फसली खेती के लाभ
- प्राकृतिक खेती और बाजार तक पहुँच की रणनीतियाँ
किसानों ने कहा कि इस सम्मेलन से उन्हें खेती में नए प्रयोगों की जानकारी मिली, जिससे उनकी उत्पादकता और आय में वृद्धि होगी।
पूर्व विधायक खिलावन साहू की उपस्थिति
मुख्य अतिथि पूर्व विधायक खिलावन साहू ने कहा कि सरकार लगातार किसानों की आय दोगुनी करने के प्रयास कर रही है। ऐसे सम्मेलन किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री वितरण
सम्मेलन के साथ ही भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर के बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री प्रदान की। इसमें कपड़े, चादरें, बेडशीट और खाद्य सामग्री शामिल थी। संगठन ने आश्वासन दिया कि वह आगे भी किसानों और आम जनता की मदद करता रहेगा।
उपस्थित लोग
कार्यक्रम में प्रदेश प्रभारी प्रवीन क्रांति, प्रदेश अध्यक्ष संजय पंत, उपाध्यक्ष कृष्णा नरवाल, महासचिव तेजराम विद्रोही, बस्तर संभाग अध्यक्ष शिवा स्वर्णकार समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
