
रायपुर न्यूज धमाका – पुलिस ने गांजा के खिलाफ अभियान को अब एक नए चरण में पहुंचा दिया है। अब केवल गांजा बेचने वाले नहीं, बल्कि गांजा पीने वाले भी पुलिस की गिरफ्त में आ रहे हैं। सार्वजनिक स्थानों पर नशा करते पकड़े जाने पर अब सीधे गिरफ्तारी और जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
दो दिन में 7 लोग गिरफ्तार
पुलिस ने बीते दो दिनों में सार्वजनिक जगहों पर गांजा पीते सात लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से चिलम, लाइटर, गांजा बरामद हुआ है। इन पर NDPS एक्ट की धारा 27 के तहत मामला दर्ज किया गया और कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।
क्या है NDPS एक्ट की धारा 27?
- नशे का सेवन करने पर अधिकतम एक साल की सजा का प्रावधान।
- मामला गैर-जमानती है, यानी थाने से बेल नहीं मिलती।
- इसमें केवल गांजा नहीं, बल्कि हेरोइन, चिट्टा, ब्राउन शुगर, अफीम आदि सभी शामिल हैं।
पुलिस सख्ती की वजह क्या है?
लगातार मिल रही शिकायतों के अनुसार, दिनदहाड़े नशे में धुत लोग सड़कों पर गाली-गलौज, शोर-शराबा और अराजकता फैला रहे हैं। इससे आम लोगों में डर का माहौल है। इसीलिए रायपुर आईजी अमरेज मिश्रा और एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
पुलिस की नई रणनीति: पीने वालों पर भी शिकंजा
पहले केवल तस्करों पर कार्रवाई होती थी, लेकिन अब उपभोग यानी पीने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की जा रही है। एसएसपी ने कहा:
“सार्वजनिक स्थानों पर गांजा या कोई भी प्रतिबंधित नशा करने वालों को NDPS एक्ट के तहत जेल भेजा जाएगा।”
ऑनलाइन नशे का सामान बेचने वालों पर भी रोक
कुछ ऑनलाइन कंपनियां छत्तीसगढ़ में नशे से जुड़े सामान (बटनदार चाकू, चिलम आदि) बेच रही थीं। पुलिस ने इन्हें नोटिस जारी किया, जिसके बाद कंपनियों ने बिक्री बंद करने की सहमति दी है। इनपर नजर लगातार रखी जा रही है।
क्या कहते हैं आंकड़े?
- 36C आबकारी एक्ट के तहत हर साल 4,000 से ज्यादा मामले दर्ज किए जाते हैं, लेकिन आरोपी को थाने से ही जमानत मिल जाती है।
- NDPS एक्ट में जमानत न मिलने से अब सार्वजनिक स्थानों पर नशाखोरी में गिरावट आने की उम्मीद है।
निष्कर्ष:
रायपुर पुलिस की यह नई पहल सार्वजनिक स्थानों को सुरक्षित और स्वच्छ बनाए रखने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। अब केवल बेचने वाले नहीं, पीने वाले भी जेल की सजा भुगतेंगे।



