
कांकेर न्यूज धमाका –अंतागढ़ के सरंडी धान खरीदी केंद्र में भारी लापरवाही उजागर हुई है। समय पर उठाव नहीं होने से बारिश में लाखों रुपये मूल्य का धान बोरियों सहित सड़ गया। धान खराब होने के बाद अब अधिकारी और खरीदी केंद्र प्रभारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं।

कैसे हुई गड़बड़ी?
- खरीदी की अंतिम तिथि: 31 जनवरी 2025
- उठाव की अंतिम तिथि: 31 मार्च 2025
- निर्धारित समयसीमा के बावजूद विभागीय लापरवाही से धान का उठाव नहीं हो सका।
- भारी बारिश में खुले में पड़ा धान भीगकर पूरी तरह खराब हो गया।
आरोप-प्रत्यारोप
- केंद्र प्रभारी: “समय पर धान का उठाव नहीं हुआ, इसलिए यह स्थिति बनी।”
- विभागीय अधिकारी: “प्रभारी खरीदी में गड़बड़ी छिपाने के लिए झूठे बहाने बना रहा है।”
कांग्रेस का हल्ला बोल
घटना की जानकारी मिलते ही कांग्रेस पदाधिकारी मौके पर पहुंचे।
कांग्रेस नेता विश्राम गावड़े ने कहा:
- “प्रदेश सरकार की धान खरीदी नीति पूरी तरह फेल हो गई है।”
- “अंतागढ़ और कोयलीबेड़ा के कई केंद्रों में धान अब तक पड़ा हुआ है, बारिश में बोरियों सहित लाखों का धान खराब हो गया।”
- “अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा किसान भुगत रहे हैं।”
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे जोरदार आंदोलन करेंगे।
👉संक्षेप में, समय पर धान उठाव न होने से किसानों का अनाज बर्बाद हो गया और अब प्रशासन व खरीदी केंद्र प्रभारी के बीच आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति शुरू हो गई है।



