
रायपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पुलिस कांस्टेबल ही ऑनलाइन ठगों के जाल में फंस गया। तेज़ मुनाफे का झांसा देकर ठगों ने कांस्टेबल से 20 लाख रुपए की ठगी कर ली। मामला सामने आने के बाद कांस्टेबल ने खुद खम्हारडीह थाना में शिकायत दर्ज कराई है।
ठगों ने बनाया पुलिस को ही निशाना
ठगी का शिकार हुआ कांस्टेबल पृथ्वीराज सिंह रायपुर के खम्हारडीह थाना क्षेत्र में तैनात है। उसकी शिकायत के अनुसार, 22 जून 2025 को उसे systembusiness.com नामक एक ऑनलाइन पोर्टल से दो लोग—राजेश विश्वकर्मा और आयुषी—ने संपर्क किया।
उन्होंने “ऑनलाइन बिजनेस में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने” का लालच दिया और उसे एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ लिया। ग्रुप में अलग-अलग चरणों में पृथ्वीराज से RTGS और NEFT के माध्यम से करीब 20 लाख रुपये वसूले गए।
वर्चुअल मुनाफा और असली ठगी
ठगों ने कांस्टेबल को लगातार निवेश पर वर्चुअल मुनाफा दिखाया, जिससे वह विश्वास में आता चला गया। लेकिन जब उसने उस मुनाफे को अपने बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कराने की कोशिश की, तो ठगों ने “अकाउंट वेरिफिकेशन फीस” के नाम पर 13 लाख रुपये और मांगे।
इस पर कांस्टेबल को संदेह हुआ और जब उसने अपने पैसे वापस मांगे, तो कोई जवाब नहीं मिला।
पुलिस कर रही जांच, साइबर टीम भी एक्टिव
घटना के बाद पृथ्वीराज सिंह ने खम्हारडीह थाने में धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज करवाया है। पुलिस और साइबर सेल की टीम अब आरोपियों की तलाश में जुट गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि ठगों द्वारा उपयोग किए गए बैंक खातों और टेलीग्राम ग्रुप का नेटवर्क कहां तक फैला है।
बड़ा सबक: ठग अब पुलिस को भी नहीं छोड़ रहे
यह घटना दर्शाती है कि अब ठगों की पहुंच आम जनता ही नहीं, बल्की सुरक्षा बलों तक भी हो गई है। ये ठग अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर लोगों को मनोवैज्ञानिक तौर पर भ्रमित कर रहे हैं।
सावधानी ही सुरक्षा है: पुलिस की अपील
पुलिस ने आम नागरिकों और अपने ही विभाग के कर्मचारियों से अपील की है:
- अज्ञात ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर निवेश से बचें।
- अधिक लाभ के लालच में फंसने से पहले क्रॉस-वेरिफिकेशन ज़रूरी है।
- ऐसे मामलों को तुरंत साइबर सेल में रिपोर्ट करें।



